Friday, 31 July 2015

CTET NOTIFICATION SEP 2015 -- APPLY NOW....

कंप्यूटर शिक्षको की जगी उम्मीद


कोर्ट के फैसले का सम्मान करना सीखेँ अतिथि शिक्षक

आज 4073 सरप्लस गेस्ट मामले में जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली डबल बेंच में सुनवाई हुई। अतिथि अध्यापको की तरफ से सीनियर वकील राजीव आत्मा राम,नरेंद्र हुड्डा व वीरेंद्र राणा पैरवी के लिए आए जबकि पात्र अध्यापकों की और से अधिवक्ता जगबीर मलिक ने पैरवी की। 2 घण्टे की सुनवाई में जस्टिस सूर्यकांत की
बेंच ने अतिथि अध्यापको पर कई बार कड़ी टिप्पणी की। बेंच ने कहा कि कोर्ट के आदेशों का सम्मान करने सीखे गैस्ट टीचर्स। स्कूलों में ताले लगाने,खाप पंचायतों की मदद व राजनितिक पार्टियों के समर्थन से गैस्ट टीचर्स ये ग़लतफ़हमी न पाले कि कोर्ट किसी दबाव में आएगी । कोर्ट स्कूलों में पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रखने के लिए आर्मी को भी आदेश देने की पॉवर रखती है लेकिन तालाबन्दी जैसी हरकत सहन नहीं करेगी। बेंच ने कहा कि रेगुलर भर्ती तक गैस्ट टीचर्स को सेवा में रखने की दलील अब सब समझ चुके है और ये दलील अब बहुत पुरानी पड़ चुकी है तथा 2006 से 2015 तक बहुत बार प्रयोग हो चुकी है, अब नहीं चलेगी। बेंच का रुख आज बेहद कड़ा था। बेंच ने अतिथि अध्यापकों को कोई भी राहत देने से साफ मना कर दिया। बेंच ने पूछा किस आधार पर stay चाहते हो जब ये साबित हो चुका है कि गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति back door से हुई है और govt. ये हल्फनामा दे चुकी है कि ये गेस्ट टीचर surplus हैं ।
साथ ही सरकार से भी जवाब तलब किया है कि रेगुलर भर्ती कब तक की जाएगी और बाकि गेस्ट टीचर्स को कब हटाया जाएगा. सरकारी वकील ने बताया की इसी महीने जेबीटी गेस्ट टीचर्स को रिलीव कर दिया जाएगा व पदोन्नति प्रक्रिया पूरी होतेे ही pgt को सेवामुक्त कर दिया जाएगा।
हाईकोर्ट ने सख्त रूख अपनाते हुए कहा कि आपको जाना ही होगा और अब ये अध्याय हमेशा के लिए समाप्त समझो। बेंच का कड़ा रुख व विपरीत हालात देख कर गैस्ट टीचर्स के वकीलों ने आखिर में बेंच से ये निवेदन किया कि वो ये याचिका वापिस लेना चाहते है और सिंगल बेंच में दौबारा अपना पक्ष रखना चाहते जिस पर डबल बेंच ने इसकी अनुमति देते हुए कहा कि ठीक है जो कहना है वो सिंगल बेंच में कहो। डबल बेंच को कोई कारण नजर नहीं आता कि वो सिंगल बेंच के इस आदेश में बेवजह हस्तक्षेप करे

परिवार कल्याण कार्यक्रम कर्मियो को दी सौगात

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने स्वास्थ्य विभाग में परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत काम कर रहे 1175 कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवाएं नियमित करने कानिर्णय लिया है। इससे तीन वर्ष से अधिक सेवाकाल वाले कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। विज के इस निर्णय के बाद दूसरे विभागों के कर्मचारियों के नियमितीकरण का रास्ता खुल
सकता है। नौ माह पुरानी खट्टर सरकार ने पूर्व सरकार की रेगुलराइजेशन पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब माना जा रहा है कि जिस तरह से कर्मचारियों का रोष बढ़ा रहा है, उस लिहाज से सरकार को नियमों में ढिलाई बरतनी होगी। इसकी बानगी विज के इस निर्णय से सामने आई है। स्वास्थ्य मंत्री की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक इन कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने की मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि सरकार की इस सकारात्मक पहल पर नियमित
किए गए कर्मचारियों में ग्रुप-ए के 8 तथा ग्रुप-बी के 90 अधिकारी शामिल हैं, जबकि इससे ग्रुप-सी के 1025 और ग्रुप-डी के
52 कर्मचारियों को लाभ होगा। ये कर्मचारी पिछले करीब एक दशक से भी अधिक समय से अपनी नौकरी के स्थायी होने की बांट जोह रहे थे। इन कर्मचारियों ने गत कांग्रेस सरकार को भी पक्का करने की अपील की थी, लेकिन उसे स्वीकार नही किया गया था।
विज ने बताया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत कार्यरत इन कर्मचारियों के नियमितीकरण में सभी प्रकार की वरिष्ठता को प्रमुख आधार बनाया गया है। जिससे किसी कर्मचारी के साथ भेदभाव न हो सके। केंद्र सरकार द्वारा 1980 में जारी किए गए एक पत्र के आधार पर उक्त कार्यक्रम के तहत काम करने वाले कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद इस मामले को वित्त विभाग को अनुमोदनार्थ भेजा जाएगा। विज ने बताया कि बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कर्मचारी संघ व अन्य संगठनों द्वारा परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत काम करने वाले एमपीएचडब्ल्यू (महिला) व अन्य कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने की बार-बार गुहार लगाई जा रही थी, जिनके अनुरोध पर सरकार ने उक्त सभी कर्मचारियों को पक्का करने का यह फैसला लिया है। इसी कार्यक्रम के तहत भरे गए अन्य 622 पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को बहुत पहले नियमित कर दिया गया था परंतु शेष कर्मचारियों की सेवाएं 10 वर्षों से अधिक समय से लंबित
पड़ी थीं। अच्छे काम के लिए प्रोत्साहन मिलेगा स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन कर्मचारियों की परेशानियों को
समझते हुए सरकार ने इनकी सेवाएं नियमित की है ताकि उन्हें अच्छा काम करने के लिए प्रोत्साहन मिल सके।
इनका नियमितीकरण बिना किसी भेदभाव के किया गया है, क्योंकि प्रदेश की जनता को भ्रष्टाचार मुक्त और भेदभाव रहित



Thursday, 30 July 2015

एचटेट मेँ नकल रोकने को सख्त हुआ बोर्ड

इस बार हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा में नकल करना आसान नहीं होगा। परीक्षार्थियों को इस बार कई नए बदलावों से गुजरने के लिए तैयार रहना होगा। 30 व 31 अगस्त को होने जा रही इस परीक्षा में नकल व गड़़बड़ी रोकने के लिए
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने कई कड़े कदम उठाए हैं।
परीक्षार्थियों के अंगूठों के निशान लेने के लिए जहां सीबीआइ द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली इंकलेस पैड का इस्तेमाल होगा। वहीं, परीक्षा केंद्र में कोई इलेक्ट्रानिक डिवाइस मिली तो भले ही परीक्षार्थी उसका उपयोग नकल करने में न करता मिला हो, यूएमसी केस (नकल करने का मामला) बनाया जाएगा।
बोर्ड के अध्ािकारियों के अनुसार, परीक्षार्थियो को दो बार अंगूठों के निशान देने होंगे। पहला निशान परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते ही पंचिंग मशीन में देना होगा और दूसरा निशान उतर पुस्तिका पर देना होगा। यह निशान सीबीआइ द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली इंकलेस पैड से लिया जाएगा। इसकी खासियत यह है कि इस पैड से लिए गए अंगुठे के निशान बहुत ही स्पष्ट होते हैं और गहरी स्याही से निशानों को मिटाकर भ्रमित नहीं किया जा सकता है। इस पैड का इस्तेमाल सीबीआइ जैसी जांच एजेंसियां ही करती हैं।
आधा घंटा पहले परीक्षा केंद्र में करना होगा प्रवेश
इस बार परीक्षार्थियों को 30 मिनट पहले आना होगा। बोर्ड प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए पहले के 20 मिनट पहले प्रवेश करने के नियम में बदलाव कर दिया है। शिक्षा बोर्ड के सचिव पंकज कुमार ने कहा कि नए बदलावों से एचटेट बगैर किसी परेशानी के करवाया जा सकेगा।