Monday, 24 August 2015

Guest Teacher News ---


Friday, 7 August 2015

9 अगस्त को जाट एकता महासम्मेलन


जाट समेत पांच जाति को आरक्षण नहीँ

हाईकोर्ट की फटकार के बाद हरियाणा सरकार ने शिक्षण संस्थाओं और सरकारी नौकरियों में जाटों समेत पांच जातियों को आरक्षण का लाभ बंद कर दिया है। सरकार के इस फैसले से
आरक्षण के लिए लड़ाई लड़ रहे जाट समुदाय का आक्रोश भड़कने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। राज्य के मुख्य सचिव की ओर से आरक्षण का लाभ तुरंत प्रभाव से बंद करने संबंधी परिपत्र उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, औद्योगिक प्रशिक्षण एवं कृषि विभाग के प्रशासनिक सचिवों तथा प्रधान सचिवों को भिजवा दिया गया है। पिछली हुड्डा सरकार ने जाट, रोड, बिश्नोई, त्यागी और जट सिख को सरकारी नौकरियों व शिक्षण संस्थानों में दस प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया था। विशेष पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष केसी गुप्ता की सिफारिशों के आधार पर हुड्डा सरकार ने आरक्षण की व्यवस्था की थी, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने 27 जुलाई 2015 को हरियाणा सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि जब सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण रद कर दिया है तो प्रदेश सरकार कैसे यहां आरक्षण का लाभ दे रही है। हाईकोर्ट की फटकार के बाद राज्य सरकार द्वारा आरक्षण की सुविधा बंद किए जाने से अब इन पांच जातियों को न तो दाखिलों में लाभ मिलेगा और न ही सरकारी नौकरियों में दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ उठा सकेंगे। राज्य सरकार ने प्रशासनिक सचिवों व प्रधान सचिवों को भेजे परिपत्र में कहा है कि सभी संस्थानों में दस प्रतिशत सीटें खाली रखी जाएं और 90 प्रतिशत सीटों पर ही दाखिले किए जाएं।राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़ : हाईकोर्ट की फटकार के बाद हरियाणा सरकार ने शिक्षण संस्थाओं और सरकारी नौकरियों में जाटों समेत पांच जातियों को आरक्षण का लाभ बंद कर दिया है। सरकार के इस फैसले से आरक्षण के लिए लड़ाई लड़ रहे जाट समुदाय का आक्रोश भड़कने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। 1राज्य के मुख्य सचिव की ओर से आरक्षण का लाभ तुरंत प्रभाव से बंद करने संबंधी परिपत्र उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, औद्योगिक प्रशिक्षण एवं कृषि विभाग के प्रशासनिक सचिवों तथा प्रधान सचिवों को भिजवा दिया गया है। पिछली हुड्डा सरकार ने जाट, रोड, बिश्नोई, त्यागी और जट सिख को सरकारी नौकरियों व शिक्षण संस्थानों में दस प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया था। विशेष पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष केसी गुप्ता की सिफारिशों के आधार पर हुड्डा सरकार ने आरक्षण की व्यवस्था की थी, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने 27 जुलाई 2015 को हरियाणा सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि जब सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण रद कर दिया है तो प्रदेश सरकार कैसे यहां आरक्षण का लाभ दे रही है। हाईकोर्ट की फटकार के बाद राज्य सरकार द्वारा आरक्षण की सुविधा बंद किए जाने से अब इन पांच जातियों को न तो दाखिलों में लाभ मिलेगा और न ही सरकारी नौकरियों में दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ उठा सकेंगे। राज्य सरकार ने प्रशासनिक सचिवों व प्रधान सचिवों को भेजे परिपत्र में कहा है कि सभी संस्थानों में दस प्रतिशत सीटें खाली रखी जाएं और 90 प्रतिशत सीटों पर ही दाखिले किए जाएं।

Thursday, 6 August 2015

अतिथि अध्यापको को हाईकोर्ट का झटका


एक्सटेंशन लेक्चरर को पहले की तरह मिलेगी नियुक्ति


बोर्ड बनाएगा 9वीँ व 11वीँ के पेपर


लेब सहायको को 15 दिन मेँ नई नियुक्ति


जेबीटी शिक्षको को दस हफ्ते मे नियुक्ति दे सरकार

हरियाणा में 9455 जेबीटी टीचर्स को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने इन टीचर्स को दस हफ्ते में नियुक्ति पत्र देने के आदेश दिए हैं। जस्टिस अमित रावल ने कहा कि जिन टीचर्स की टेक्नीकल वेरीफिकेशन पूरी हो
चुकी है, उन्हें नियुक्ति पत्र दिए जाएं।
मेवात के गेस्ट टीचर्स की तरफ से याचिका दायर कर कहा कि रेगुलर नियुक्तियां होने तक उन्हें अपने पद पर बने रहने दिया जाए। कोर्ट ने इन याचिकाओं का निपटारा करते हुए कहा कि दस सप्ताह में टेक्नीकल जांच को पूरा किया जाए। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि हरियाणा सरकार द्वारा 2006 से आरंभ की गई 9455 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अभी लंबित है। हरियाणा सरकार की ओर से बताया गया कि शिक्षकों की वेरिफिकेशन का काम चल रहा है और जल्दी ही इसे पूरा कर लिया जाएगा।
गेस्ट टीचर्स हटेंगे
इन आदेशों के चलते अब रेगुलर नियुक्तियों के साथ ही गेस्ट टीचर्स नौकरी से बाहर कर दिए जाएंगे। जस्टिस अमित रावल ने इस पर याचिका का निपटारा करते हुए याची को थोड़ी राहत दी और उन्हें हटाने पर रोक लगा दी। साथ ही स्पष्ट किया कि यह रोक तब तक रहेगी, जब तक इन रेगुलर टीचर्स की नियुक्ति नहीं हो जाती। रेगुलर टीचर्स की नियुक्ति होते ही गेस्ट टीचर्स बाहर हो जाएंगे।

Wednesday, 5 August 2015

अब आसान नहीँ होगी Nursing की पढ़ाई


एचसीएस भी बन सकेंगे निगमो के आयुक्त


हाथों से बने प्रश्नपत्रों पर रोक, बोर्ड करेगा जारी

शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में मासिक परीक्षाओं
के नाम पर नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है।

जिन मासिक परीक्षाओं के बलबूते विभाग विद्यार्थियों की
शिक्षा का आंकलन करना चाहता है उसे नीचे गिराने वाला भी
स्वयं विभाग ही है। नौनिहालों को बिना सिलेबस बताए ही यह
परीक्षाएं ली हैं। वहीं इस महीने स्कूलों में हाथों से बनाए गए प्रश्न
पत्रों पर भी विभाग ने रोक लगा दी है। अगस्त महीने में होने वाले
मासिक परीक्षाओं में नौवीं और ग्यारहवीं कक्षाओं के प्रश्न पत्र
अब निदेशालय की ओर से ही जारी कराए जाएंगे। इसी महीने
पहली से आठवीं कक्षा का रिजल्ट भी ऑनलाइन किया जाना है,
लेकिन उसकी प्रक्रिया भी अभी तक शुरू नहीं की गई है।
शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पूरे
साल स्कूलों में मासिक परीक्षाओं को लेकर एक फरमान जारी
किया हुआ है। इसके मुताबिक स्कूलों में 25 से 31 जुलाई तक पहली से
नौवीं और 11वीं के विद्यार्थियों के लिए मासिक परीक्षाओं
का आयोजन किया गया था। पहली से आठवीं कक्षा तक के प्रश्न
पत्र तो हरियाणा विद्यालय शिक्षा भिवानी बोर्ड ने जारी
किए थे लेकिन नौवीं और 11वीं कक्षा के प्रश्न पत्र स्कूलों में संबंधित
विषय के अध्यापकों की ओर से ही तैयार किए गए थे, लेकिन
निदेशालय अधिकारियों ने हाथ से बने प्रश्न पत्रों पर इस महीने
रोक लगा दी है। अगस्त माह में नौवीं और 11वीं कक्षा की
मासिक परीक्षाओं में भी प्रश्न पत्र अब बोर्ड जारी करेगा।
हालांकि इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारियों को पहले ही
सूचित किया जा चुका है। वहीं, अब शिक्षकों को इस टेंशन से तो
छुटकारा मिल जाएगा। सूत्रों के मुताबिक सरकारी स्कूलों को
मासिक परीक्षाओं के बाद अब परीक्षाओं का रिजल्ट बनाना है
और बाद में उसे निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड करना है। इसके
साथ ही शिक्षकों को इसी महीने बोर्ड कक्षाओं के फार्म
ऑनलाइन का काम भी पूरा करना है। इसके साथ ही अब बोर्ड
कक्षाओं का एनरोलमेंट का ऑफलाइन काम भी विभाग को इसी
महीने में पूरा करके देना है।

आर्ट एण्ड क्राफ्ट शिक्षकों को निकालने पर रोक जारी

हरियाणा में साल 2008 में भर्ती 816 आर्ट एण्ड क्राफ्ट शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका मंजूर करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने भर्ती रद्द करने पर रोक को जारी रखा है। इससे पूर्व इसी मामले में एकल बेंच ने भर्ती रद्द करने का आदेश दिया था। हालांकि डिवीजन बेंच ने भर्ती रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी थी। डिवीजन बेंच की ओर से कहा गया है कि संबंधित शिक्षकों को नियमित भर्ती होने तक नहीं निकाला जाएगा। बेंच की ओर से मामले में सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए और समय दिया गया है। केस की अगली सुनवाई सितंबर में होगी। 
जस्टिस राजेश बिंदल की एकल बेंच ने भर्ती रद्द कर दी थी। भर्ती में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इसे खारिज करने की मांग की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि साल 2006 में इस भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था।
साल 2008 में नियुक्ति पत्र थमा दिए गए थे। भर्ती के लिए उपयुक्त प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। आर्ट एण्ड क्राफ्ट शिक्षकों की भर्ती के लिए संबंधित डिप्लोमा की शर्त अनिवार्य नहीं रखी गई थी, जबकि यह जरूरी था। यह भी कहा था कि एक चयनित अभ्यर्थी की आयु अधिक होने के बाद भी उसका चयन कर लिया गया।
ऐसी कथित अनियमितताओं के अलावा यह भी कहा था कि इन पदों के लिए आवेदन का विज्ञापन जारी होने के बाद नियमों में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके इंटरव्यू के लिए पहले निर्धारित 25 अंक बढ़ाकर 30 कर दिए गए। भर्ती बोर्ड के चेयरमैन ने बोर्ड सदस्यों की कोई मीटिंग भी आयोजित नहीं की। इन आरोपों के साथ भर्ती रद्द करने की मांग की गई थी। हालांकि सरकार ने पैरवी के दौरान भर्ती को सही ठहराया, लेकिन सरकारी दलीलों को नकारते हुए एकल बेंच ने भर्ती में अनियमितताएं होने की बात कही। साथ ही भर्ती रद्द करने का आदेश दिया था। बाद में डिवीजन बेंच ने भर्ती रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी थी। यह रोक मंगलवार को सुनवाई के दौरान भी जारी रखी गई

बच गई 2200 एक्सटेंशन लेक्चरर की नोकरी

सरकारी कॉलेजों से हटाए जा चुके 2200 एक्सटेंशन लेक्चरर के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने उनकी सेवाएं जारी रखने का निर्णय लिया है। इनकी नई सिरे से ज्वाइनिंग पुरानी
प्रक्रिया के तहत होगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने इनके सेवा विस्तार को मंजूरी दे दी है।1 उच्च शिक्षा विभाग की ओर से भेजी गई फाइल भी स्वीकृत कर दी गई है। कॉलेजों में लेक्चरर के पद पर सेवानिवृत्त प्रोफेसर या प्रिंसिपल की सेवाएं सिर्फ खाली पदों पर ली जाएंगी। जिन कॉलेजों में एक्सटेंशन लेक्चरर नहीं हैं, या नए युवा लेक्चरर नहीं मिलते, वहीं पर सेवानिवृत्त प्रोफेसर को नियुक्त किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने बीते दिनों एक्सटेंशन लेक्चरर की सेवाएं खत्म कर दी थीं। विभाग सिर्फ नेट व पीएचडी पास करीब नौ सौ एक्सटेंशन लेक्चरर की ही सेवाएं जारी रखने के मूड में था, लेकिन नौकरी से हटाए जाने का कड़ा विरोध होने पर सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा। उच्च शिक्षा विभाग ने बीते दिनों पॉलिसी में बदलाव करते हुए एक्सटेंशन लेक्चरर के पद पर केवल सेवानिवृत्त प्रिंसिपल, एसोसिएट प्रोफेसर या असिसटेंट प्रोफेसर को ही रखने का निर्णय लिया था। इन्हें कॉलेजों में 250 रुपये प्रति लेक्चर मानदेय देने की तैयारी थी।1 सरकार को इसलिए भी नई पॉलिसी लागू करने में झटका लगा, चूंकि कॉलेजों से सेवानिवृत्त प्रिंसिपल या प्रोफेसर को पेंशन ही साठ हजार से ज्यादा मिल रही है। इसलिए ढाई सौ रुपये प्रति लेक्चर के हिसाब से कोई सेवाएं देने को तैयार नहीं हुआ। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के ओएसडी जवाहर यादव ने राज्य सरकार के फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि सरकार डीम्ड यूनिवर्सिटी में भी एक हजार लेक्चरर की नियुक्ति जल्द करेगी।राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़ : सरकारी कॉलेजों से हटाए जा चुके 2200 एक्सटेंशन लेक्चरर के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने उनकी सेवाएं जारी रखने का निर्णय लिया है। इनकी नई सिरे से ज्वाइनिंग पुरानी प्रक्रिया के तहत होगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने इनके सेवा विस्तार को मंजूरी दे दी है।1 उच्च शिक्षा विभाग की ओर से भेजी गई फाइल भी स्वीकृत कर दी गई है। कॉलेजों में लेक्चरर के पद पर सेवानिवृत्त प्रोफेसर या प्रिंसिपल की सेवाएं सिर्फ खाली पदों पर ली जाएंगी। जिन कॉलेजों में एक्सटेंशन लेक्चरर नहीं हैं, या नए युवा लेक्चरर नहीं मिलते, वहीं पर सेवानिवृत्त प्रोफेसर को नियुक्त किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने बीते दिनों एक्सटेंशन लेक्चरर की सेवाएं खत्म कर दी थीं। विभाग सिर्फ नेट व पीएचडी पास करीब नौ सौ एक्सटेंशन लेक्चरर की ही सेवाएं जारी रखने के मूड में था, लेकिन नौकरी से हटाए जाने का कड़ा विरोध होने पर सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा। उच्च शिक्षा विभाग ने बीते दिनों पॉलिसी में बदलाव करते हुए एक्सटेंशन लेक्चरर के पद पर केवल सेवानिवृत्त प्रिंसिपल, एसोसिएट प्रोफेसर या असिसटेंट प्रोफेसर को ही रखने का निर्णय लिया था। इन्हें कॉलेजों में 250 रुपये प्रति लेक्चर मानदेय देने की तैयारी थी।1 सरकार को इसलिए भी नई पॉलिसी लागू करने में झटका लगा, चूंकि कॉलेजों से सेवानिवृत्त प्रिंसिपल या प्रोफेसर को पेंशन ही साठ हजार से ज्यादा मिल रही है। इसलिए ढाई सौ रुपये प्रति लेक्चर के हिसाब से कोई सेवाएं देने को तैयार नहीं हुआ। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के ओएसडी जवाहर यादव ने राज्य सरकार के फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि सरकार डीम्ड यूनिवर्सिटी में भी एक हजार लेक्चरर की नियुक्ति जल्द करेगी।

Saturday, 1 August 2015

Central University of Haryana Recruitment 2015 – 144 Faculty Posts

Central University of Haryana has given a notification for the recruitment of 144 Professor, Associate, Assistant Professor vacancies on contractual basis. Eligible candidates may apply in prescribed application format on or before 10-08-2015. Other details like educational qualification, selection process, pay scale, how to apply are given below…
Central University of Haryana Vacancy Details:

Total No of Posts: 144
Name of the Post:
1. Professor
2. Associate
3. Assistant Professor
Name of the Schools:
1. School of Arts, Humanities and Social Sciences: 32 Posts
2. School of Language, Linguistics, Culture and Heritage: 04 Posts
3. School of Law, Governance, Public Policy and Management: 17 Posts
4. School of Physical and Mathematical Sciences: 21 Posts
5. School of Chemical Sciences: 07 Posts
6. School of Computer Science and Informatics: 14 Posts
7. School of Earth, Environment and Space Studies: 14 Posts
8. School of Journalism, Mass Communication & Media: 07 Posts
9. School of Interdisciplinary and Applied Sciences: 28 Posts

Educational Qualification: Candidates should have PG in relevant discipline, Ph.D, M.Phil Qualify in NET/ SLET/ SET.

Selection Process: Shortlisted candidates will be called for interview.

Application Fee: Candidates have to pay demand draft of Rs. 800/- for general category, Rs. 600/- for OBC & Rs. 400/- for SC/ ST/ PH drawn in favour of the Central University of Haryana payable at Mahendergarh, Haryana.

How to Apply: Eligible candidates can send their application in prescribed format along with attested copies of all certificates / mark sheets, in support of educational qualification & name of the post must be mentioned on top of the envelop to Registrar, Room No-06, Administrative Block, Central University of Haryana, Jant-Pali, Mahendergarh-123029, Haryana through Registered/ Speed Post on or before 10-08-2015.

Last Date for Receipt of Application: 10-08-2015.


PGIMS Rohtak Recruitment 2015 – Walk in for 126 Sr Resident & Demonstrator Posts

Pt.B.D Sharma Post Graduate Institute of Medical Sciences (PGIMS), Rohtak has released notification for the recruitment of 126 Senior Resident & Demonstrator vacancies on contractual basis. Eligible candidates may attend walk in interview on 11-08-2015 at 11:00 A.M. Other details like age limit, educational qualification, selection process, how to apply are given below…

PGIMS Rohtak Vacancy Details:
Total No. of Posts: 126

Name of the Post:
I. Senior Resident: 111 Posts
1. Anesthesiology: 24 Posts
2. Cardiac Surgery: 02 Posts
3. Cardiology: 04 Posts
4. Accident & Emergency: 06 Posts
i. Medical & Surgical & Allied: 02 Posts
ii. Medicine: 02 Posts
iii. Obst. & Gynae: 02 Posts
5. Neuro Surgery: 02 Posts
6. Orthopedics: 01 Post
7. General Surgery: 18 Posts
8. Clinical Hematology: 01 Post
9. Paediatrics Surgery: 01 Post
10. Urology: 01 Post
11. Surgical Gastroenterology: 01 Post
12. Medicine: 07 Posts
13. Nephrology: 02 Posts
14. Neurology: 01 Post
15. Nuclear Medicine: 02 Posts
16. Endocrinology: 01 Post
17. Gastroenterology: 01 Post
18. Obst.& Gynae: 06 Posts
19. Hospital Administration: 01 Post
20. Medical Oncology: 01 Post
21. Paediatrics: 11 Posts
22. R.I.Ophthalmology: 07 Posts
23. Radiotherapy: 02 Posts
24. Community Medicine: 03 Posts
25. T.B. & Respiratory Medicine: 01 Post
26. Psychiatry: 02 Posts
27. Surg. Oncology: 02 Posts
II. Demonstrator: 15 Posts
1. Anatomy: 04 Posts
2. Pharmacology: 03 Posts
3. Physiology: 02 Posts
4. Pathology: 03 Posts
5. Forensic Medicine: 03 Posts

Age Limit: Candidates age should be between 22-40 years as on date of interview. Age relaxation is applicable for SC/ ST/ BC/ ESM etc. will be as per Haryana Govt. instructions issued from time to time and is restricted to Haryana domiciles only.

Educational Qualification: Candidates should possess MBBS from any Institution/ University recognized by the MCI & should be registered under the State/ Central Medical Registration Act.

Selection Process: Candidates will be selected based on interview.

How to Apply: Eligible candidates may send their application along with all relevant certificates/ testimonials to the O/O Assistant Registrar, UHS, Rohtak before the interview & attend walk in interview in the office of the Vice-Chancellor, Pt. B.D. Sharma University of Health Sciences, Rohtak on 11-08-2015 at 11:00 A.M.

Important Dates:
Date & Time of Interview: 11-08-2015 at 11:00 A.M.
Reporting Time: 09:30 AM.

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9,870 नवचयनित जेबीटी को 10 अगस्त के बाद मिलेगी नियुक्ति, सरकार ने कोर्ट में माना - भर्ती सही

छह साल की लड़ाई के बाद अब सरकारी स्कूलों को नियमित टीचर देने की तैयारी हो गई है। यदि सबकुछ सही रहा तो 10 अगस्त के बाद नवचयनित प्राइमरी शिक्षकों (जेबीटी) को ज्वॉइनिंग मिल जाएगी। 14 अगस्त 2014
को चयन लिस्ट जारी हुई थी, लेकिन उसके बाद से ही इसकी जांच चल रही थी। अब सरकार ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में कहा है कि भर्ती में कोई खामी नहीं है। 
28 जुलाई को हाईकोर्ट में सरकार ने कहा कि करीब 6,000 नव चयनित जेबीटी के दस्तावेजों की जांच हो चुकी है, जो सही मिले हैं। बाकी नवचयनित की जांच भी पूरी होने वाली है। इन्हें ज्वाइनिंग देने की अनुमति दी जाए। अब न्यायालय के निर्देशों पर सरकार को यही बातें 10 अगस्त को शपथपत्र पर देनी है। जिसके बाद जेबीटी की नियुक्ति शुरू हो जाएगी। पात्र अध्यापक संघ के पदाधिकारियों को सीएम के ओएसडी जवाहर यादव ने 31 जुलाई तक ज्वाइनिंग का आश्वासन दिया था। कोर्ट में हल्फनामा देकर अब 15 अगस्त तक ज्वाइनिंग कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012-2013 में 9,870 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई और 9,455 पदों का रिजल्ट पिछले साल 14 अगस्त को जारी हुआ था। 



30जून को झेला लाठीचार्ज 
नियुक्तिपत्र जारी करने की मांग को लेकर 21 जून से नवचयनित जेबीटी ने पंचकूला में धरना शुरू किया था। 30 जून को विधानसभा घेराव की कोशिश की तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया। 4 जुलाई को सीएम के ओएसडी ने भरोसा दिलाया था कि 31 जुलाई तक नियुक्ति पत्र जारी होंगे

फार्म भरने से इंटरव्यू तक ३ स्टेज पर अंगूठा जांच


DSSB NEWS- पीजीटी टीजीटी के कई परीक्षाएँ हो सकती हे रद




कंप्यूटर शिक्षकों को फिर मिलेगी नौकरी

प्रदेश सरकार ने कंप्यूटर शिक्षकों को डीसी रेट या शिक्षा विभाग में नौकरी पर रखने की सहमति दे दी है। इसके बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री के ओएसडी जवाहर यादव ने धरनास्थल पर अनशनकारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया।1खोई हुई प्रतिष्ठा और रोजी रोटी की जंग लड़ रहे 2852 कंप्यूटर 
शिक्षकों की मेहनत आखिरकार रंग लाती दिखाई दे रही है। इसी साल जनवरी की कड़कड़ाती ठंड में कंप्यूटर शिक्षकों ने रोजगार को लेकर पंचकूला में आंदोलन की शुरुआत की थी। कई मौसम गुजर गए, कभी सर्दी तो कभी गर्मी, कभी बारिश तो कभी तूफान, कभी वाटर कैनन तो कभी डंडों की मार सहकर भी शिक्षकों का हौसला नहीं टूटा। 16 दिन से आमरण अनशन पर बैठे शिक्षकों ने आखिरकार सरकार को मना ही लिया। पिछले पांच दिन सभी अनशनकारियों ने जब इलाज करवाने से मना कर दिया, तो प्रशासन और सरकार की चिंता और बढ़ गई। हालात को बिगड़ता देख सरकार ने भी समस्या के बीच का रास्ता निकालने में भलाई समझी। सीएम के ओएसडी जवाहर यादव ने आंदोलनकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की।1आमरण अनशन कर रहे दो महिला टीचर्स सहित चार शिक्षकों की हालात काफी नाजुक हो चुकी है। फिलहाल सभी अनशनकारियों को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। रजिया सुलतान और रीना भोला की हालत को नाजुक बताया जा रहा है। 1जासं, पंचकूला : प्रदेश सरकार ने कंप्यूटर शिक्षकों को डीसी रेट या शिक्षा विभाग में नौकरी पर रखने की सहमति दे दी है। इसके बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री के ओएसडी जवाहर यादव ने धरनास्थल पर अनशनकारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया।1खोई हुई प्रतिष्ठा और रोजी रोटी की जंग लड़ रहे 2852 कंप्यूटर शिक्षकों की मेहनत आखिरकार रंग लाती दिखाई दे रही है। इसी साल जनवरी की कड़कड़ाती ठंड में कंप्यूटर शिक्षकों ने रोजगार को लेकर पंचकूला में आंदोलन की शुरुआत की थी। कई मौसम गुजर गए, कभी सर्दी तो कभी गर्मी, कभी बारिश तो कभी तूफान, कभी वाटर कैनन तो कभी डंडों की मार सहकर भी शिक्षकों का हौसला नहीं टूटा। 16 दिन से आमरण अनशन पर बैठे शिक्षकों ने आखिरकार सरकार को मना ही लिया। पिछले पांच दिन सभी अनशनकारियों ने जब इलाज करवाने से मना कर दिया, तो प्रशासन और सरकार की चिंता और बढ़ गई। हालात को बिगड़ता देख सरकार ने भी समस्या के बीच का रास्ता निकालने में भलाई समझी। सीएम के ओएसडी जवाहर यादव ने आंदोलनकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की।1आमरण अनशन कर रहे दो महिला टीचर्स सहित चार शिक्षकों की हालात काफी नाजुक हो चुकी है। फिलहाल सभी अनशनकारियों को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। रजिया सुलतान और रीना भोला की हालत को नाजुक बताया जा रहा है

Friday, 31 July 2015

CTET NOTIFICATION SEP 2015 -- APPLY NOW....

कंप्यूटर शिक्षको की जगी उम्मीद


कोर्ट के फैसले का सम्मान करना सीखेँ अतिथि शिक्षक

आज 4073 सरप्लस गेस्ट मामले में जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली डबल बेंच में सुनवाई हुई। अतिथि अध्यापको की तरफ से सीनियर वकील राजीव आत्मा राम,नरेंद्र हुड्डा व वीरेंद्र राणा पैरवी के लिए आए जबकि पात्र अध्यापकों की और से अधिवक्ता जगबीर मलिक ने पैरवी की। 2 घण्टे की सुनवाई में जस्टिस सूर्यकांत की
बेंच ने अतिथि अध्यापको पर कई बार कड़ी टिप्पणी की। बेंच ने कहा कि कोर्ट के आदेशों का सम्मान करने सीखे गैस्ट टीचर्स। स्कूलों में ताले लगाने,खाप पंचायतों की मदद व राजनितिक पार्टियों के समर्थन से गैस्ट टीचर्स ये ग़लतफ़हमी न पाले कि कोर्ट किसी दबाव में आएगी । कोर्ट स्कूलों में पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रखने के लिए आर्मी को भी आदेश देने की पॉवर रखती है लेकिन तालाबन्दी जैसी हरकत सहन नहीं करेगी। बेंच ने कहा कि रेगुलर भर्ती तक गैस्ट टीचर्स को सेवा में रखने की दलील अब सब समझ चुके है और ये दलील अब बहुत पुरानी पड़ चुकी है तथा 2006 से 2015 तक बहुत बार प्रयोग हो चुकी है, अब नहीं चलेगी। बेंच का रुख आज बेहद कड़ा था। बेंच ने अतिथि अध्यापकों को कोई भी राहत देने से साफ मना कर दिया। बेंच ने पूछा किस आधार पर stay चाहते हो जब ये साबित हो चुका है कि गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति back door से हुई है और govt. ये हल्फनामा दे चुकी है कि ये गेस्ट टीचर surplus हैं ।
साथ ही सरकार से भी जवाब तलब किया है कि रेगुलर भर्ती कब तक की जाएगी और बाकि गेस्ट टीचर्स को कब हटाया जाएगा. सरकारी वकील ने बताया की इसी महीने जेबीटी गेस्ट टीचर्स को रिलीव कर दिया जाएगा व पदोन्नति प्रक्रिया पूरी होतेे ही pgt को सेवामुक्त कर दिया जाएगा।
हाईकोर्ट ने सख्त रूख अपनाते हुए कहा कि आपको जाना ही होगा और अब ये अध्याय हमेशा के लिए समाप्त समझो। बेंच का कड़ा रुख व विपरीत हालात देख कर गैस्ट टीचर्स के वकीलों ने आखिर में बेंच से ये निवेदन किया कि वो ये याचिका वापिस लेना चाहते है और सिंगल बेंच में दौबारा अपना पक्ष रखना चाहते जिस पर डबल बेंच ने इसकी अनुमति देते हुए कहा कि ठीक है जो कहना है वो सिंगल बेंच में कहो। डबल बेंच को कोई कारण नजर नहीं आता कि वो सिंगल बेंच के इस आदेश में बेवजह हस्तक्षेप करे

परिवार कल्याण कार्यक्रम कर्मियो को दी सौगात

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने स्वास्थ्य विभाग में परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत काम कर रहे 1175 कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवाएं नियमित करने कानिर्णय लिया है। इससे तीन वर्ष से अधिक सेवाकाल वाले कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। विज के इस निर्णय के बाद दूसरे विभागों के कर्मचारियों के नियमितीकरण का रास्ता खुल
सकता है। नौ माह पुरानी खट्टर सरकार ने पूर्व सरकार की रेगुलराइजेशन पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब माना जा रहा है कि जिस तरह से कर्मचारियों का रोष बढ़ा रहा है, उस लिहाज से सरकार को नियमों में ढिलाई बरतनी होगी। इसकी बानगी विज के इस निर्णय से सामने आई है। स्वास्थ्य मंत्री की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक इन कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने की मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि सरकार की इस सकारात्मक पहल पर नियमित
किए गए कर्मचारियों में ग्रुप-ए के 8 तथा ग्रुप-बी के 90 अधिकारी शामिल हैं, जबकि इससे ग्रुप-सी के 1025 और ग्रुप-डी के
52 कर्मचारियों को लाभ होगा। ये कर्मचारी पिछले करीब एक दशक से भी अधिक समय से अपनी नौकरी के स्थायी होने की बांट जोह रहे थे। इन कर्मचारियों ने गत कांग्रेस सरकार को भी पक्का करने की अपील की थी, लेकिन उसे स्वीकार नही किया गया था।
विज ने बताया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत कार्यरत इन कर्मचारियों के नियमितीकरण में सभी प्रकार की वरिष्ठता को प्रमुख आधार बनाया गया है। जिससे किसी कर्मचारी के साथ भेदभाव न हो सके। केंद्र सरकार द्वारा 1980 में जारी किए गए एक पत्र के आधार पर उक्त कार्यक्रम के तहत काम करने वाले कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद इस मामले को वित्त विभाग को अनुमोदनार्थ भेजा जाएगा। विज ने बताया कि बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कर्मचारी संघ व अन्य संगठनों द्वारा परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत काम करने वाले एमपीएचडब्ल्यू (महिला) व अन्य कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने की बार-बार गुहार लगाई जा रही थी, जिनके अनुरोध पर सरकार ने उक्त सभी कर्मचारियों को पक्का करने का यह फैसला लिया है। इसी कार्यक्रम के तहत भरे गए अन्य 622 पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को बहुत पहले नियमित कर दिया गया था परंतु शेष कर्मचारियों की सेवाएं 10 वर्षों से अधिक समय से लंबित
पड़ी थीं। अच्छे काम के लिए प्रोत्साहन मिलेगा स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन कर्मचारियों की परेशानियों को
समझते हुए सरकार ने इनकी सेवाएं नियमित की है ताकि उन्हें अच्छा काम करने के लिए प्रोत्साहन मिल सके।
इनका नियमितीकरण बिना किसी भेदभाव के किया गया है, क्योंकि प्रदेश की जनता को भ्रष्टाचार मुक्त और भेदभाव रहित



Thursday, 30 July 2015

एचटेट मेँ नकल रोकने को सख्त हुआ बोर्ड

इस बार हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा में नकल करना आसान नहीं होगा। परीक्षार्थियों को इस बार कई नए बदलावों से गुजरने के लिए तैयार रहना होगा। 30 व 31 अगस्त को होने जा रही इस परीक्षा में नकल व गड़़बड़ी रोकने के लिए
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने कई कड़े कदम उठाए हैं।
परीक्षार्थियों के अंगूठों के निशान लेने के लिए जहां सीबीआइ द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली इंकलेस पैड का इस्तेमाल होगा। वहीं, परीक्षा केंद्र में कोई इलेक्ट्रानिक डिवाइस मिली तो भले ही परीक्षार्थी उसका उपयोग नकल करने में न करता मिला हो, यूएमसी केस (नकल करने का मामला) बनाया जाएगा।
बोर्ड के अध्ािकारियों के अनुसार, परीक्षार्थियो को दो बार अंगूठों के निशान देने होंगे। पहला निशान परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते ही पंचिंग मशीन में देना होगा और दूसरा निशान उतर पुस्तिका पर देना होगा। यह निशान सीबीआइ द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली इंकलेस पैड से लिया जाएगा। इसकी खासियत यह है कि इस पैड से लिए गए अंगुठे के निशान बहुत ही स्पष्ट होते हैं और गहरी स्याही से निशानों को मिटाकर भ्रमित नहीं किया जा सकता है। इस पैड का इस्तेमाल सीबीआइ जैसी जांच एजेंसियां ही करती हैं।
आधा घंटा पहले परीक्षा केंद्र में करना होगा प्रवेश
इस बार परीक्षार्थियों को 30 मिनट पहले आना होगा। बोर्ड प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए पहले के 20 मिनट पहले प्रवेश करने के नियम में बदलाव कर दिया है। शिक्षा बोर्ड के सचिव पंकज कुमार ने कहा कि नए बदलावों से एचटेट बगैर किसी परेशानी के करवाया जा सकेगा।

बिना मुखिया ही चल रहे प्रदेश के 424 स्कूल


पदोन्नति कोटे से टीजीटी बनेंगे पीजीटी


Wednesday, 29 July 2015

Delhi High Court Recruitment 2015 – Apply Online for 60 Jr Judicial Asst Posts

Delhi High Court Vacancy Details:
Total No. of Posts: 60
Name of the Post: Junior Judicial Assistant (Technical)
1. Gen: 32 Posts
2. SC: 08 Posts
3. ST: 04 Posts
4. OBC: 16 Posts

Age Limit: Candidates age limit should not be below 18 years and over 27 years as on 01-01-2015 & Upper age limit for SC/ ST candidates should be 32 years & 30 years for OBC candidates. Age relaxation will be applicable 13 years for OBC, 15 years for SC/ ST & Ex-servicemen relaxation will be 3 years for gen, 6 years for OBC and 8 years for SC/ ST.

Educational Qualification: Candidates should be BCA/ B.Sc in Computer Science with minimum 50% marks from a recognized university.


अब दोबारा से निकालने होंगे भतियो के विज्ञापन,


लोक प्रशासन m.a पास पीजीटी के लिए आवेदन नहीँ कर पाएंगे


स्कूलो मेँ शेड्यूल से चलेगा क्वालिटी improvement प्रोग्राम




कंप्यूटर शिक्षको पर फिर बरसी लाठियाँ


Guest news अतिथि अध्यापको ने डबल बेंच मेँ की याचिका दाखिल

 हरियाणा में 4073 सरप्लस अतिथि अध्यापकों को हटाने के हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए शिक्षकों की ओर से डबल बेंच में याचिका दाखिल की गई है। मामले में सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए शिक्षकों की ओर से कहा गया कि यह फैसला उनके पक्ष को बिना पूरी तरह से सुने किया गया है। जस्टिस सूर्यकांत की खंडपीठ ने मामले में 30 जुलाई को सुनवाई करने का निर्णय लिया है। काबिलेगौर है कि अतिथि अध्यापकों को हटाने के आदेशों के बावजूद हरियाणा सरकार द्वारा उन्हें सेवानिवृत्त न करने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा था कि जब सुप्रीम कोर्ट भी इन शिक्षकों को हटाने के आदेश जारी कर चुका है तो आखिर हरियाणा सरकार इन्हें क्यों नहीं हटा रही है।
मामले में शिक्षकों की ओर से कहा गया कि वे अभी सरप्लस नहीं है और उन्हें गलत तरीके से सरप्लस करार देकर हटाया जा रहा है। सिंगल बेंच द्वारा हरियाणा सरकार को आदेश दिए गए थे कि इन शिक्षकों को हटाया जाए जिसके बाद हरियाणा सरकार ने इन शिक्षकों की सेवाओं को समाप्त कर दिया था। अब इस फैसले को डबल बेंच में चुनौती देते हुए शिक्षकों की ओर से राहत की अपील की गई है।

JBT NEWS वेरिफिकेशन पर हलफनामा दे सरकार,, चयनित जेबीटी मामले मेँ सरकार ने मांगा जवाब

मामले में हरियाणा सरकार द्वारा निकाली गई 9455 भर्तियों में चयनित उम्मीदवारों की सूची में जिन आवेदकों का नाम शामिल नहीं किया गया था, उनकी ओर से याचिका दाखिल करते हुए कहा गया था कि नियुक्ति में बड़े स्तर पर धांधली हुई है
और इंटरव्यू पर भी सवालिया निशान लगाए गए थे। याची की ओर से कहा गया था कि इस नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान चहेतों को प्रवेश देने के लिए उन्हें कम नंबर दिए गए। यही प्रक्रिया इंटरव्यू के दौरान भी अपनाई गई।
इसके बाद हाईकोर्ट ने नियुक्ति से ठीक पूर्व प्रक्रिया पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए थे। इन आदेशों के चलते 9455 नियुक्तियां अभी लंबित पड़ी हैं। इन नियुक्तियों का रास्ता साफ करने के लिए हरियाणा सरकार की ओर से अर्जी दाखिल की गई थी। यह अर्जी सुनवाई के लिए जस्टिस दया चौधरी की बेंच के समक्ष पहुंची थी। हरियाणा सरकार की ओर से इस अर्जी में कहा गया कि हरियाणा सरकार अतिथि शिक्षकों को हटा रही है और ऐसे में स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। ऐसे में हाईकोर्ट द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति पर लगाई गई रोक को हटाया 

Tuesday, 28 July 2015

रिजल्ट खराब आए तो प्राचार्य पर गिरेगी गाज


शिक्षा विभाग दे देता नहीँ मिला ग्राहक-- रामबिलास शर्मा

 शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने खट्टर सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से एक तंज कसा है। उन्होंने मीडिया के सामने यह बयान दिया है कि कोई ग्राहक नहीं मिला नहीं तो वे शिक्षा महकमा भी देने को तैयार थे। उनके इस तंज के राजनीतिक गलियारों में अलग मायने निकाले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के बाद दो नंबर पर आने वाले रामबिलास शर्मा से परिवहन और खाद्य आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण महकमे छीन लिए गए हैं। इसके बाद रामबिलास ने यह बयान दिया है। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की तारीफ भी की है। इस ताजा घटनाक्रम के बाद आज सभी मंत्रियों की मुख्यमंत्री के साथ बैठक में चर्चा होगी।

2500 एक्सटेंशन लेक्चरर की छुट्टी

राज्य सरकार ने 5 साल से प्रदेश के सरकारी काॅलेजों में पढ़ा रहे करीब 2500 एक्सटेंशन लेक्चरर्स को नौकरी से निकाल दिया है। इनकी जगह रिटायर्ड प्रोफेसरों को नियुक्त करने का फरमान उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से जारी किया गया है। इस
फैसले के बाद पीएचडी व नैट पास ढाई हजार युवा बेरोजगार हो जाएंगे। इन लेक्चरर्स को 7 महीने के लिए एक्सटेंशन पर तैनाती दी जाती थी।
नयी पॉलिसी की पड़ी मार
सरकारी कॉलेजों में पिछले 5 वर्ष से पढ़ा रहे एक्सटेंशन लेक्चरर्स की सेवाएं उच्चतर शिक्षा विभाग ने नयी पॉलिसी बनाकर समाप्त की हैं। नयी पॉलिसी के तहत काॅलेजों में रिटायर्ड प्रिंसिपल, एसोसिएट या असिस्टेंट प्रोफेसरों को ही एक्सटेंशन लेक्चरर्स के तौर पर नियुक्त किया जाएगा। विभाग के इस निर्णय से काॅलेजों में पढ़ा रहे हजारों पीएचडी व नैट पास युवाओं का रोजगार छिन गया है। बेरोजगार हुए एक्सटेंशन लेक्चरर्स ने अब विभाग पर अदालत के फैसले के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए अवमानना का केस दर्ज कराने की बात कही है। विभिन्न छात्र यूनियनों ने भी सरकार के फैसले को युवा विरोधी करार देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
हुड्डा सरकार में हुई थी नियुक्ति
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व हुड‍्डा सरकार में वर्ष 2010 के बाद अतिथि अध्यापकों व प्राध्यापकों की नियुक्ति पर प्रतिबंध लगाने के बाद उच्चतर शिक्षा विभाग ने काॅलेजों में खाली पदों को भरने के लिए प्रति वर्ष एक्सटेंशन लेक्चरर्स लगाने का निर्णय लिया था। इसके लिए नियुक्त लेक्चरर्स को प्रति पीरियड 250 रुपये रोजाना या अधिकतम 18000 रुपये प्रति माह के हिसाब से मानदेय दिया जाता था। कॉलेज प्रशासन को खाली पदों को भरने के लिए बाकायदा विज्ञापन जारी करना पड़ता था तथा मेरिट के आधार पर पीएचडी या नैट धारक को अनुबंध पर रखा जाता था। प्रति वर्ष अनुबंध के लिए इंटरव्यू लेकर मेरिट लिस्ट बनाई जाती थी।
नयी नियुक्ति के लिए घोषित हो चुकी थी इंटरव्यू की तारीख
शिक्षा सत्र 2015-16 के लिए सरकार काॅलेजों ने एक्सटेंशन लेक्चरर्स के लिए विज्ञापन जारी कर दिया था। इंटरव्यू के लिए तारीखों का ऐलान भी हो चुका था लेकिन 21 जुलाई को विभाग ने सभी काॅलेजों को पत्र जारी कर इंटरव्यू रद्द कर एक्सटेंशन की प्रक्रिया रोकने के निर्देश दिए। एक्सटेंशन की नयी पॉलिसी बनाते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी काॅलेज प्राचार्यों को पत्र जारी कर एक्सटेंशन की शर्तों में बदलाव कर दिया। नयी शर्तों के अनुसार अब केवल रिटायर्ड प्रिंसिपल, एसोसिएट या असिस्टेंट प्रोफेसर्स को ही एक्सटेंशन लेक्चरर्स के तौर पर नियुक्त किया जा सकेगा।
एक्सटेंशन लेक्चरर्स ने कहा- अवमानना का केस करेंगे
एक्सटेंशन लेक्चरर्स एसोसिएशन की प्रदेश प्रधान संतोष मिगलानी ने कहा कि विभाग ने उनके साथ धोखा किया है। उन्होंने न्यायालय में केस दायर किया हुआ है तथा अदालत ने उनके मामले में स्टे दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी उल्लंघन किया है, जिसमें कहा गया है कि एक्सटेंशन पर लगे योग्य कर्मियों को हटाकर दोबारा एक्सटेंशन कर्मचारी नहीं लगाया जा सकता। हम सरकार के खिलाफ अवमानना का मामला दायर करेंगे।
इनसो ने बताया खिलवाड़ : छात्र संगठन इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने सरकार के इस फैसले की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार युवाओं को सुनहरे सपने दिखा कर सत्ता में आई थी, लेकिन अब उनके हितों से खिलवाड़ कर रही है। सरकार ने एक तरफ तो रिटायरमेंट की उम्र सीमा 60 से घटाकर 58 कर दी है, दूसरी तरफ रिटायर्ड कर्मियों को बेरोजगार युवाओं की जगह नौकरी में तरजीह दी जा रही है।

जाट आरक्षण पर रोक

हरियाणा में जाट समुदाय समेत 5 जातियों को आरक्षण के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने बिश्नोई, जाट, जट्ट सिख, रोड और त्यागी समुदायों को विशेष पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल करने और उन्हें सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 10 फीसदी आरक्षण का लाभ देने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा सामान्य जातियों को आर्थिक आधार पर मिलने वाले 10 प्रतिशत आरक्षण पर भी स्टे दे दिया है।

हाई कोर्ट ने सोमवार को दिए आदेश में इस मामले में राज्य सरकार की सभी दलीलों को नकार दिया। सरकार ने कहा था कि केंद्र सरकार द्वारा दिए गए आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है, ऐसे में राज्यों में दिए गए आरक्षण से इसका कोई लेना-देना नहीं है।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार ने केसी गुप्ता आयोग की सिफारिशों को आधार बनाते हुए इन पांचों जातियों और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को आरक्षण का लाभ दिया था। जाट से मुसलमान बनने वालों को भी आरक्षण का लाभ दिया गया था।

हाई कोर्ट ने कहा कि इस आयोग की सिफारिशें सुप्रीम कोर्ट द्वारा नकारे जाने के बाद इस मामले में हरियाणा सरकार को आरक्षण जारी रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इस फैसले के साथ ही उन उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगा है, जो राज्य में होने जा रही नई भर्तियों में आरक्षण का लाभ लेने की तैयारी कर रहे थे।

Saturday, 25 July 2015

जेबीटी शिक्षकों की बीएलओ ड्यूटी का पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने लिया कड़ा संज्ञान, शुक्रवार तक सरकार से माँगा जवाब।

बीएलओ ड्यूटी के खिलाफ जिला कुरुक्षेत्र के जेबीटी शिक्षकों द्वारा दायर याचिका पर हाईकोर्ट की जस्टिस अमित रावल की बेंच ने सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए मामले में आगामी शुक्रवार तक जवाब तलब कर लिया है। बेंच ने शिक्षकों को शिक्षण की बजाय वर्षों से बीएलओ जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यो में व्यस्त रखने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की और सरकारी वकील से पूछा कि शिक्षकों का काम पढ़ाना है या बीएलओ ड्यूटी करना ?  याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता अनुराग गोयल ने बेंच को बताया कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून भी ये साफ करता है कि शिक्षकों की बीएलओ जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यो में ड्यूटी नही लगाई जा सकती। शिक्षकों का एकमात्र दायित्व शिक्षा देना है ना कि अन्य कार्यो में ऊर्जा नष्ट करना। उन्होंने बेंच को बताया कि गुडगाँव में तो बीएलओ नियुक्त शिक्षको का वेतन रोकने व ऍफ़आईआर तक दर्ज करने की अनुसंशा की जा चुकी है। एक तरफ तो शिक्षा विभाग के अधिकारी शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यो से दूर रहने व बच्चों के दाखिलों पर एवम शिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दे रहे है जबकि दूसरी तरफ जिला उपायुक्त कार्यालय शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी देने के लिए बाध्य कर रहा है। ऐसे में शिक्षक करे भी तो क्या करे। दायर याचिका में उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद बेंच की मुख्यन्यायधीश वाली डिवीजन बेंच द्वारा 25 मार्च 2015 को एक जनहित याचिका में दिए फैसले का भी हवाला दिया गया है जिसमे डिवीजन बेंच ने स्कूल टाइम के बाद भी या छूटी के दिन भी शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक कार्यो में ड्यूटी को गलत ठहराते हुए कहा कि स्कूल टाइम के बाद भी एक शिक्षक को अगले दिन के शिक्षण कार्य हेतु तैयारी करनी होती है और छूटी के दिन अपने पारिवारिक कार्यो को भी करना होता है। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार कोई वैकल्पिक व्यवस्था करे और शुक्रवार तक हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करे। हाईकोर्ट ने सबंधित पक्षों शिक्षा विभाग के अधिकारिओं, उपायुक्त कुरुक्षेत्र आदि को नोटिस जारी कर शुक्रवार तक जवाब तलब किया है।

केयू और एमडीयू को झटका नहीं मिली डिस्टेंस की मान्यता

प्रदेश की दो सबसे बड़ी और पुरानी यूनिवर्सिटी में डिस्टेंस एजुकेशन की मान्यता को लेकर संकट पैदा हो गया है। नियमों को पूरा नहीं करने पर यूजीसी ने 2015-16 के लिए प्रदेश में सिर्फ हिसार की जीजेयू को ही डिस्टेंस की मान्यता दी है। जबकि ए ग्रेड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त एमडीयू और केयूके को बड़ा झटका लगा है। दोनों में से किसी भी यूनिवर्सिटी को मान्यता नहीं दी गई है। हालांकि दोनों विवि के अधिकारियों का कहना है कि वे मान्यता को लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं। पत्र पर पत्र लिख रहे हैं।
प्रदेश में रोहतक की एमडीयू, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी और हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में ही डिस्टेंस के कोर्स कराए जाते हैं। 2012-13 में एमडीयू को तीन वर्ष के लिए मान्यता मिली थी। उसी समय यूजीसी ने निर्देश जारी कर दिए थे कि सत्र 2015-16 के लिए उसी यूनिवर्सिटी को मान्यता दी जाएगी, जो सभी नियमों को पूरा करेगी। इसमें पहली शर्त नियमित शिक्षकों की रखी गई थी, लेकिन एमडीयू तभी से डिपार्टमेंट के शिक्षकों के भरोसे ही डिस्टेंस के कोर्स चला रही थी। मौजूदा सत्र की मान्यता के लिए यूजीसी ने दो दिन पहले लिस्ट जारी कर दी। इसमें एमडीयू और केयूके को डिस्टेंस के लिए मान्यता नहीं दी गई।
सवाल : कहां जाएंगे 75 हजार विद्यार्थी
एमडीयू में इन कोर्सों की थी मान्यता
प्रदेश में सिर्फ हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी को मिली मान्यता, दोनों यूनिवर्सिटी के अधिकारी बोले, अभी और करेेंगे कोशिश
दोनों यूनिवर्सिटी के करीब 80 हजार विद्यार्थियों को हो सकती है मुश्किल, यूजीसी ने जारी की मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी की लिस्ट
पिछले सत्र में एमडीयू के डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर को अंग्रेजी, हिंदी, राजनीति विज्ञान, संस्कृत, लोक प्रशासन, इतिहास, प्रबंधन, लाइब्रेरी साइंस, गणित, कामर्स, ज्योग्राफी और कंप्यूटर साइंस को मान्यता दी गई थी।
एमडीयू से संबद्घ 12 जिलों में 539 कॉलेज हैं। आंकड़ों के मुताबिक, एमडीयू में हर साल करीब पचास हजार विद्यार्थी डिस्टेंस से पढ़ाई करते हैं। जबकि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में भी करीब 25 हजार से भी अधिक छात्र हर साल डिस्टेंस एजुकेशन में एडमिशन लेते हैं। दोनों ही यूनिवर्सिटी को इस सत्र के लिए मान्यता नहीं दी गई।

अस्थाई मांयता प्राप्त विद्यालयोँ के लिए एनरोलमेंट आवेदन की तिथि बढ़ाई

अस्थाई मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लिए एनरोलमेंट आवेदन जमा कराने की तिथि बोर्ड ने फिर बढ़ा दी है। अब ऐसे विद्यालय 27 जुलाई तक बिना विलंब शुल्क के एनरोलमेंट आवेदन जमा कर सकेंगे, जिन्हें पासवर्ड जारी हो चुका है। पहले यह तिथि 24 जुलाई निर्धारित थी। बोर्ड सचिव पंकज ने बताया कि विद्यालयों के हित को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि जिन संस्थाओं को शिक्षा विभाग ने व्यक्तिगत रूप से अस्थाई/स्थाई सम्बद्धता पत्र जारी किए जा रहे हैं, ऐसे विद्यालय भी 27 जुलाई तक बिना विलंब शुल्क के एनरोलमेंट आवेदन पत्र जमा करा सकते हैं। इस श्रेणी में आने वाले विद्यालयों को छोड़कर जिन विद्यालयों के आईडी पासवर्ड पहले ही जारी हो चुके थे, उनके लिए पहले से ही निर्धारित विलम्ब शुल्क का शेड्यूल यथावत रहेगा। बता दें कि विभाग ने 1206 स्कूलों को अस्थाई मान्यता देने का फैसला लिया है।
इसके अलावा सेकेंड फाइल लगाने वाले स्कूलों को भी मान्यता देने की कवायद जारी है।

नियमित होगे तब ही छोड़ेंगे दिल्ली- गेस्ट टीचर

नियमित करने की मांग को लेकर गेस्ट टीचरों का महापड़ाव शुक्रवार को 38 वें दिन भी जारी रहा। सरकार की अनदेखी के बावजूद गेस्ट टीचरों का जोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
गेस्ट टीचरों ने साफ कर दिया है कि वो नियमित होने तक किसी भी हाल में दिल्ली को नहीं छोड़ेंगे । गेस्ट टीचरों के मंडल स्तर पर चल रहे क्रमिक अनशन के दौरान शुक्रवार को हिसार मंडल के 11 गेस्ट 24 घंटे के क्रमिक अनशन पर रहे। वहीं शनिवार को अब अंबाला मंडल की बारी रहेगी। गेस्ट टीचरों का कहना है कि एक तरफ तो सरकार गेस्ट टीचरों को सरप्लस बता रही है वहीं दूसरी तरफ नियमित अध्यापकों की भर्तियां निकालकर गेस्ट टीचरों की पीठ में छुरा घोंपने का काम कर रही है। उन्होंने सरकार पर गेस्ट टीचरों की अनदेखी कर उन्हें बेरोजगार करने का आरोप लगाया ।
हिसार मंडल के ये 11 गेस्ट बैठे अनशन पर ः
ईश्वर दास, रत्न शर्मा, विनोद राणा, ईश्वर बरवाला, जोगिंद्र सिंह, जयकिशन , कुलदीप, सुरेश, नरेश, सुरेंद्र और प्रेम शुक्रवार को 24 घंटे के क्रमिक अनशन पर रहे ।

6 जिलो मे एचटेट परीक्षा के सेंटर न बनाए जाने की निंदा

हरियाणा कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से बोर्ड मुख्यालय भिवानी सहित रोहतक, जींद, महेंद्रगढ़, मेवात, झज्जर में हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के सेंटर नहीं बनाए जाने के लिए निंदा की है। उन्होंने कहा कि दसवीं व बारहवीं की परीक्षाओं में इन जिलों में नकल के केसों को आधार बनाकर एचटेट के सेंटर नहीं बनाना बोर्ड का गलत फैसला है।
शुक्रवार को जारी एक बयान में पूर्व आबकारी एवं कराधान मंत्री ने कहा कि यह फैसला हरियाणा सरकार द्वारा चलाए गए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के खिलाफ भी है, क्योंकि इन छह जिले की लड़कियों को अब एचटेट की परीक्षा देने के लिए 100 किमी से भी अधिक दूरी तक यात्रा करनी पड़ेगी, जो अन्याय होगा।

एचटेट परीक्षाथी का होगा दो बार थंब इंप्रेशन

एआईएमपीटी पेपर लीक कांड को जेहन में रखते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड एचटेट परीक्षा में कोई ‘रिस्क मोल नहीं लेना चाहता है। परीक्षार्थी की व्यक्तिगत पहचान के लिए बोर्ड दोहरा सुरक्षा चक्र अपनाएगा। इस बार दो तरह से थम्ब इंप्रेशन (अगूंठा निशान) लेगा। बायो मीट्रिक मशीन के अलावा स्पेशल स्याही से हर परीक्षार्थी के थम्ब इंप्रेशन लिए जाएंगे।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सूत्र बताते हैं कि परीक्षा केंद्र में एंट्री के बाद ऑनलाइन बायो मीट्रिक थम्ब इंप्रेशन लिया जाएगा। इसके बाद परीक्षा केंद्र के भीतर हर परीक्षार्थी का अंगूठे का निशान खास तकनीक इंकलेस से लिया जाएगा। परीक्षार्थी के फोटो की पहचान पुख्ता करने के लिए बोर्ड हर बार की तरह एडमिट कार्ड पर परीक्षार्थी का फोटो तो देगा ही, साथ ही इस मर्तबा हर अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वह गजेटेड आफिसर अथवा शिक्षण संस्था के प्रमुख से अटेस्टेड अपना फोटो साथ लेकर आएगा।
शिक्षा बोर्ड सेक्रेटरी पंकज ने दो बार थम्ब इंप्रेशन व अटेस्टेड फोटो के संबंध में लिये फैसलों की पुष्टि की है।

Friday, 24 July 2015

दिल्ली मेँ अतिथि शिक्षको का अनशन जारी


दो हजार निजी स्कूलो की मानयता का रास्ता साफ


जीआरपी कॉंस्टेबलो से मांगा जवाब


अब घर जाकर पढ़ाएगे विशेष अध्यापक




NEWLY SELECTED JBT NEWS--

हाईकोर्ट न्यूज़ :9455 नवचयनित जे बी टी की नियुक्ति मामले में 2 नम्बर एम् ए केस की अग्रिम सुनवाई अर्जी पर आज वीरवार को  बहस हुई।  अब 27 जुलाई सोमवार को 12 बजे सुनवाई व फैसला होगा

Thursday, 23 July 2015

HTET NEWS-- 15 जिलों में बनाए जाएंगे पात्रता परीक्षा के सेंटर, एचटेट में हिन्दी विषय शामिल करने को ज्ञापन भेजा

इस बार हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए छह जिलों को छोड़कर शेष सभी में केंद्र
बनाए जाएंगे। शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने इस बार सिरसा में भी एचटेट करवाने का फैसला किया है। अब से पूर्व दो बार इस जिले में भी परीक्षा नहीं करवाई गई थी। इसके पीछे बोर्ड प्रशासन की सोच यह थी कि एचटेट में बाहरी हस्तक्षेप रोका जा सके। क्योंकि राजनीतिक रूप से प्रभावित जिलों में बाहरी हस्तक्षेप को रोकना मुश्किल हो जाता है। सूत्र बताते हैं कि इस बार बोर्ड
प्रशासन ने एचटेट के लिए सिरसा जिले को भी शामिल कर लिया है। परीक्षा केंद्रों को बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी, ताकि 30 व 31 अगस्त को पात्रता परीक्षा सुचारु रूप से संचालित की जा सके।इन जिलों में नहीं होगी परीक्षा
1. भिवानी 2. महेन्द्रगढ़ 3. झज्जर 4, रोहतक 5. पलवल 6. मेवात
क्यों लिया था आधे हरियाणा में पात्रता परीक्षा करवाने का फैसला हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने एचटेट में
धांधलियों को रोकने के लिए तीन साल पूर्व उन जिलों में यह परीक्षा नहीं करवाने का फैसला किया, जिनमें राजनीतिक
हस्तक्षेप ज्यादा है। तत्कालीन मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, तत्कालीन शिक्षा मंत्री के जिलों में यह परीक्षा संचालित नहीं
करवाई गई। हालांकि इसका काफी विरोध भी हुआ पर बोर्ड प्रशासन अपने फैसले पर अडिग रहा। सिरसा जिला भी पूर्व
मुख्यमंत्री का घरेलू जिला होने की वजह से इसे परीक्षा केंद्र बनाए बनाने का फैसला किया गया था। इएम के जिले में नहीं पर सीएम के जिले में होगा एचटेट इस बार शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने शिक्षा मंत्री के जिले महेन्द्रगढ़ में एचटेट के सेंटर नहीं बनाने का फैसला किया है। हालांकि पहले भी इस जिले में यह परीक्षा नहीं होती थी। हालांकि करनाल में पहले से ही यह परीक्षा होती आ रही है और इस बार भी बोर्ड प्रशासन ने सेंटर बनाने जा रहा है। क्योंकि इस बार केवल सिरसा ही एक नया ऐसा जिला है, जिसमें एचटेट के सेंटर बनाने का फैसला किया गया है। शिक्षा बोर्ड के सचिव पंकज कुमार ने कहा कि इस बार कोई बड़ा
फेरबदल नहीं किया गया है। केवल सिरसा ही एक नया जिला है,जहां परीक्षा केंद्र बनाए जा रहे हैं।

एचटेट में हिन्दी विषय शामिल करने को ज्ञापन भेजा
जागरण संवाददाता भिवानी : प्रदेश भर के संस्कृत महाविद्यालयों ने वित्त मंत्री को ज्ञापन भेज कर हरियाणा शिक्षक पात्रता
परीक्षा में ¨ हिन्दी विषय शामिल करने की मांग की है। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि एचटेट को संस्कृत महाविद्यालयों के लिए भी अनिवार्य की गई है। इस परीक्षा के पाठ्यक्रम में अंग्रेजी, संस्कृत बाल शिक्षण एवं मनोविज्ञान के 30-30 अंक और सामाजिक अध्ययन के लिए 60 अंक निर्धारित किए गए हैं। जबकि सीटेट जो सीबीएसई द्वारा संचालित की जाती है उसमें अंग्रेजी विषय की जगह 30 अंक ¨हदी विषय के लिए निर्धारित किए हैं। ज्ञापन में उन्होंने मांग की है कि एचटेट में भी अंग्रेजी की जगह ¨हिन्दी विषय को अनिवार्य किया जाए। ताकि संस्कृत के विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। उन्होंने वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु से आग्रह किया कि उनकी इस मांग को पूरा करवाएं ताकि संस्कृत के विद्यार्थियों का भी भला हो सके। ज्ञापन सौंपने वालों में ये रहे शामिल ईर्श्वरीय प्रसाद, जयपाल, संतोष यादव, सुनीता देवी, संगीता देवी, सुनीता देवी, नीलम, मेनका, उषा, सविता, सुशीला, सरोज, पुषा, रजनी, सोमवीर ¨सह, पवन कुमार, ललित कुमार, पंकज कुमार, प्रवीण कुमार, सुरेंद्र कोशिक, नरेंद्र कुमार, हनुमान प्रसाद, अजय आदि शामिल रहे