Monday, 24 August 2015
Friday, 7 August 2015
जाट समेत पांच जाति को आरक्षण नहीँ
Thursday, 6 August 2015
जेबीटी शिक्षको को दस हफ्ते मे नियुक्ति दे सरकार
इन आदेशों के चलते अब रेगुलर नियुक्तियों के साथ ही गेस्ट टीचर्स नौकरी से बाहर कर दिए जाएंगे। जस्टिस अमित रावल ने इस पर याचिका का निपटारा करते हुए याची को थोड़ी राहत दी और उन्हें हटाने पर रोक लगा दी। साथ ही स्पष्ट किया कि यह रोक तब तक रहेगी, जब तक इन रेगुलर टीचर्स की नियुक्ति नहीं हो जाती। रेगुलर टीचर्स की नियुक्ति होते ही गेस्ट टीचर्स बाहर हो जाएंगे।
Wednesday, 5 August 2015
हाथों से बने प्रश्नपत्रों पर रोक, बोर्ड करेगा जारी
के नाम पर नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है।
जिन मासिक परीक्षाओं के बलबूते विभाग विद्यार्थियों की
शिक्षा का आंकलन करना चाहता है उसे नीचे गिराने वाला भी
स्वयं विभाग ही है। नौनिहालों को बिना सिलेबस बताए ही यह
परीक्षाएं ली हैं। वहीं इस महीने स्कूलों में हाथों से बनाए गए प्रश्न
पत्रों पर भी विभाग ने रोक लगा दी है। अगस्त महीने में होने वाले
मासिक परीक्षाओं में नौवीं और ग्यारहवीं कक्षाओं के प्रश्न पत्र
अब निदेशालय की ओर से ही जारी कराए जाएंगे। इसी महीने
पहली से आठवीं कक्षा का रिजल्ट भी ऑनलाइन किया जाना है,
लेकिन उसकी प्रक्रिया भी अभी तक शुरू नहीं की गई है।
शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पूरे
साल स्कूलों में मासिक परीक्षाओं को लेकर एक फरमान जारी
किया हुआ है। इसके मुताबिक स्कूलों में 25 से 31 जुलाई तक पहली से
नौवीं और 11वीं के विद्यार्थियों के लिए मासिक परीक्षाओं
का आयोजन किया गया था। पहली से आठवीं कक्षा तक के प्रश्न
पत्र तो हरियाणा विद्यालय शिक्षा भिवानी बोर्ड ने जारी
किए थे लेकिन नौवीं और 11वीं कक्षा के प्रश्न पत्र स्कूलों में संबंधित
विषय के अध्यापकों की ओर से ही तैयार किए गए थे, लेकिन
निदेशालय अधिकारियों ने हाथ से बने प्रश्न पत्रों पर इस महीने
रोक लगा दी है। अगस्त माह में नौवीं और 11वीं कक्षा की
मासिक परीक्षाओं में भी प्रश्न पत्र अब बोर्ड जारी करेगा।
हालांकि इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारियों को पहले ही
सूचित किया जा चुका है। वहीं, अब शिक्षकों को इस टेंशन से तो
छुटकारा मिल जाएगा। सूत्रों के मुताबिक सरकारी स्कूलों को
मासिक परीक्षाओं के बाद अब परीक्षाओं का रिजल्ट बनाना है
और बाद में उसे निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड करना है। इसके
साथ ही शिक्षकों को इसी महीने बोर्ड कक्षाओं के फार्म
ऑनलाइन का काम भी पूरा करना है। इसके साथ ही अब बोर्ड
कक्षाओं का एनरोलमेंट का ऑफलाइन काम भी विभाग को इसी
महीने में पूरा करके देना है।
आर्ट एण्ड क्राफ्ट शिक्षकों को निकालने पर रोक जारी
जस्टिस राजेश बिंदल की एकल बेंच ने भर्ती रद्द कर दी थी। भर्ती में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इसे खारिज करने की मांग की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि साल 2006 में इस भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था।
साल 2008 में नियुक्ति पत्र थमा दिए गए थे। भर्ती के लिए उपयुक्त प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। आर्ट एण्ड क्राफ्ट शिक्षकों की भर्ती के लिए संबंधित डिप्लोमा की शर्त अनिवार्य नहीं रखी गई थी, जबकि यह जरूरी था। यह भी कहा था कि एक चयनित अभ्यर्थी की आयु अधिक होने के बाद भी उसका चयन कर लिया गया।
ऐसी कथित अनियमितताओं के अलावा यह भी कहा था कि इन पदों के लिए आवेदन का विज्ञापन जारी होने के बाद नियमों में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके इंटरव्यू के लिए पहले निर्धारित 25 अंक बढ़ाकर 30 कर दिए गए। भर्ती बोर्ड के चेयरमैन ने बोर्ड सदस्यों की कोई मीटिंग भी आयोजित नहीं की। इन आरोपों के साथ भर्ती रद्द करने की मांग की गई थी। हालांकि सरकार ने पैरवी के दौरान भर्ती को सही ठहराया, लेकिन सरकारी दलीलों को नकारते हुए एकल बेंच ने भर्ती में अनियमितताएं होने की बात कही। साथ ही भर्ती रद्द करने का आदेश दिया था। बाद में डिवीजन बेंच ने भर्ती रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी थी। यह रोक मंगलवार को सुनवाई के दौरान भी जारी रखी गई
बच गई 2200 एक्सटेंशन लेक्चरर की नोकरी
Saturday, 1 August 2015
Central University of Haryana Recruitment 2015 – 144 Faculty Posts
Name of the Post:
1. Professor
2. Associate
3. Assistant Professor
Name of the Schools:
1. School of Arts, Humanities and Social Sciences: 32 Posts
2. School of Language, Linguistics, Culture and Heritage: 04 Posts
3. School of Law, Governance, Public Policy and Management: 17 Posts
4. School of Physical and Mathematical Sciences: 21 Posts
5. School of Chemical Sciences: 07 Posts
6. School of Computer Science and Informatics: 14 Posts
7. School of Earth, Environment and Space Studies: 14 Posts
8. School of Journalism, Mass Communication & Media: 07 Posts
9. School of Interdisciplinary and Applied Sciences: 28 Posts
PGIMS Rohtak Recruitment 2015 – Walk in for 126 Sr Resident & Demonstrator Posts
Total No. of Posts: 126
I. Senior Resident: 111 Posts
1. Anesthesiology: 24 Posts
2. Cardiac Surgery: 02 Posts
3. Cardiology: 04 Posts
4. Accident & Emergency: 06 Posts
i. Medical & Surgical & Allied: 02 Posts
ii. Medicine: 02 Posts
iii. Obst. & Gynae: 02 Posts
5. Neuro Surgery: 02 Posts
6. Orthopedics: 01 Post
7. General Surgery: 18 Posts
8. Clinical Hematology: 01 Post
9. Paediatrics Surgery: 01 Post
10. Urology: 01 Post
11. Surgical Gastroenterology: 01 Post
12. Medicine: 07 Posts
13. Nephrology: 02 Posts
14. Neurology: 01 Post
15. Nuclear Medicine: 02 Posts
16. Endocrinology: 01 Post
17. Gastroenterology: 01 Post
18. Obst.& Gynae: 06 Posts
19. Hospital Administration: 01 Post
20. Medical Oncology: 01 Post
21. Paediatrics: 11 Posts
22. R.I.Ophthalmology: 07 Posts
23. Radiotherapy: 02 Posts
24. Community Medicine: 03 Posts
25. T.B. & Respiratory Medicine: 01 Post
26. Psychiatry: 02 Posts
27. Surg. Oncology: 02 Posts
II. Demonstrator: 15 Posts
1. Anatomy: 04 Posts
2. Pharmacology: 03 Posts
3. Physiology: 02 Posts
4. Pathology: 03 Posts
5. Forensic Medicine: 03 Posts
Date & Time of Interview: 11-08-2015 at 11:00 A.M.
Reporting Time: 09:30 AM.
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9,870 नवचयनित जेबीटी को 10 अगस्त के बाद मिलेगी नियुक्ति, सरकार ने कोर्ट में माना - भर्ती सही
को चयन लिस्ट जारी हुई थी, लेकिन उसके बाद से ही इसकी जांच चल रही थी। अब सरकार ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में कहा है कि भर्ती में कोई खामी नहीं है।
28 जुलाई को हाईकोर्ट में सरकार ने कहा कि करीब 6,000 नव चयनित जेबीटी के दस्तावेजों की जांच हो चुकी है, जो सही मिले हैं। बाकी नवचयनित की जांच भी पूरी होने वाली है। इन्हें ज्वाइनिंग देने की अनुमति दी जाए। अब न्यायालय के निर्देशों पर सरकार को यही बातें 10 अगस्त को शपथपत्र पर देनी है। जिसके बाद जेबीटी की नियुक्ति शुरू हो जाएगी। पात्र अध्यापक संघ के पदाधिकारियों को सीएम के ओएसडी जवाहर यादव ने 31 जुलाई तक ज्वाइनिंग का आश्वासन दिया था। कोर्ट में हल्फनामा देकर अब 15 अगस्त तक ज्वाइनिंग कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012-2013 में 9,870 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई और 9,455 पदों का रिजल्ट पिछले साल 14 अगस्त को जारी हुआ था।
30जून को झेला लाठीचार्ज
नियुक्तिपत्र जारी करने की मांग को लेकर 21 जून से नवचयनित जेबीटी ने पंचकूला में धरना शुरू किया था। 30 जून को विधानसभा घेराव की कोशिश की तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया। 4 जुलाई को सीएम के ओएसडी ने भरोसा दिलाया था कि 31 जुलाई तक नियुक्ति पत्र जारी होंगे
कंप्यूटर शिक्षकों को फिर मिलेगी नौकरी
शिक्षकों की मेहनत आखिरकार रंग लाती दिखाई दे रही है। इसी साल जनवरी की कड़कड़ाती ठंड में कंप्यूटर शिक्षकों ने रोजगार को लेकर पंचकूला में आंदोलन की शुरुआत की थी। कई मौसम गुजर गए, कभी सर्दी तो कभी गर्मी, कभी बारिश तो कभी तूफान, कभी वाटर कैनन तो कभी डंडों की मार सहकर भी शिक्षकों का हौसला नहीं टूटा। 16 दिन से आमरण अनशन पर बैठे शिक्षकों ने आखिरकार सरकार को मना ही लिया। पिछले पांच दिन सभी अनशनकारियों ने जब इलाज करवाने से मना कर दिया, तो प्रशासन और सरकार की चिंता और बढ़ गई। हालात को बिगड़ता देख सरकार ने भी समस्या के बीच का रास्ता निकालने में भलाई समझी। सीएम के ओएसडी जवाहर यादव ने आंदोलनकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की।1आमरण अनशन कर रहे दो महिला टीचर्स सहित चार शिक्षकों की हालात काफी नाजुक हो चुकी है। फिलहाल सभी अनशनकारियों को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। रजिया सुलतान और रीना भोला की हालत को नाजुक बताया जा रहा है। 1जासं, पंचकूला : प्रदेश सरकार ने कंप्यूटर शिक्षकों को डीसी रेट या शिक्षा विभाग में नौकरी पर रखने की सहमति दे दी है। इसके बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री के ओएसडी जवाहर यादव ने धरनास्थल पर अनशनकारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया।1खोई हुई प्रतिष्ठा और रोजी रोटी की जंग लड़ रहे 2852 कंप्यूटर शिक्षकों की मेहनत आखिरकार रंग लाती दिखाई दे रही है। इसी साल जनवरी की कड़कड़ाती ठंड में कंप्यूटर शिक्षकों ने रोजगार को लेकर पंचकूला में आंदोलन की शुरुआत की थी। कई मौसम गुजर गए, कभी सर्दी तो कभी गर्मी, कभी बारिश तो कभी तूफान, कभी वाटर कैनन तो कभी डंडों की मार सहकर भी शिक्षकों का हौसला नहीं टूटा। 16 दिन से आमरण अनशन पर बैठे शिक्षकों ने आखिरकार सरकार को मना ही लिया। पिछले पांच दिन सभी अनशनकारियों ने जब इलाज करवाने से मना कर दिया, तो प्रशासन और सरकार की चिंता और बढ़ गई। हालात को बिगड़ता देख सरकार ने भी समस्या के बीच का रास्ता निकालने में भलाई समझी। सीएम के ओएसडी जवाहर यादव ने आंदोलनकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की।1आमरण अनशन कर रहे दो महिला टीचर्स सहित चार शिक्षकों की हालात काफी नाजुक हो चुकी है। फिलहाल सभी अनशनकारियों को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। रजिया सुलतान और रीना भोला की हालत को नाजुक बताया जा रहा है
Friday, 31 July 2015
कोर्ट के फैसले का सम्मान करना सीखेँ अतिथि शिक्षक
साथ ही सरकार से भी जवाब तलब किया है कि रेगुलर भर्ती कब तक की जाएगी और बाकि गेस्ट टीचर्स को कब हटाया जाएगा. सरकारी वकील ने बताया की इसी महीने जेबीटी गेस्ट टीचर्स को रिलीव कर दिया जाएगा व पदोन्नति प्रक्रिया पूरी होतेे ही pgt को सेवामुक्त कर दिया जाएगा।
हाईकोर्ट ने सख्त रूख अपनाते हुए कहा कि आपको जाना ही होगा और अब ये अध्याय हमेशा के लिए समाप्त समझो। बेंच का कड़ा रुख व विपरीत हालात देख कर गैस्ट टीचर्स के वकीलों ने आखिर में बेंच से ये निवेदन किया कि वो ये याचिका वापिस लेना चाहते है और सिंगल बेंच में दौबारा अपना पक्ष रखना चाहते जिस पर डबल बेंच ने इसकी अनुमति देते हुए कहा कि ठीक है जो कहना है वो सिंगल बेंच में कहो। डबल बेंच को कोई कारण नजर नहीं आता कि वो सिंगल बेंच के इस आदेश में बेवजह हस्तक्षेप करे
परिवार कल्याण कार्यक्रम कर्मियो को दी सौगात
52 कर्मचारियों को लाभ होगा। ये कर्मचारी पिछले करीब एक दशक से भी अधिक समय से अपनी नौकरी के स्थायी होने की बांट जोह रहे थे। इन कर्मचारियों ने गत कांग्रेस सरकार को भी पक्का करने की अपील की थी, लेकिन उसे स्वीकार नही किया गया था।
विज ने बताया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत कार्यरत इन कर्मचारियों के नियमितीकरण में सभी प्रकार की वरिष्ठता को प्रमुख आधार बनाया गया है। जिससे किसी कर्मचारी के साथ भेदभाव न हो सके। केंद्र सरकार द्वारा 1980 में जारी किए गए एक पत्र के आधार पर उक्त कार्यक्रम के तहत काम करने वाले कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद इस मामले को वित्त विभाग को अनुमोदनार्थ भेजा जाएगा। विज ने बताया कि बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कर्मचारी संघ व अन्य संगठनों द्वारा परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत काम करने वाले एमपीएचडब्ल्यू (महिला) व अन्य कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने की बार-बार गुहार लगाई जा रही थी, जिनके अनुरोध पर सरकार ने उक्त सभी कर्मचारियों को पक्का करने का यह फैसला लिया है। इसी कार्यक्रम के तहत भरे गए अन्य 622 पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को बहुत पहले नियमित कर दिया गया था परंतु शेष कर्मचारियों की सेवाएं 10 वर्षों से अधिक समय से लंबित
पड़ी थीं। अच्छे काम के लिए प्रोत्साहन मिलेगा स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन कर्मचारियों की परेशानियों को
समझते हुए सरकार ने इनकी सेवाएं नियमित की है ताकि उन्हें अच्छा काम करने के लिए प्रोत्साहन मिल सके।
इनका नियमितीकरण बिना किसी भेदभाव के किया गया है, क्योंकि प्रदेश की जनता को भ्रष्टाचार मुक्त और भेदभाव रहित
Thursday, 30 July 2015
एचटेट मेँ नकल रोकने को सख्त हुआ बोर्ड

Wednesday, 29 July 2015
Delhi High Court Recruitment 2015 – Apply Online for 60 Jr Judicial Asst Posts
Total No. of Posts: 60
Name of the Post: Junior Judicial Assistant (Technical)
1. Gen: 32 Posts
2. SC: 08 Posts
3. ST: 04 Posts
4. OBC: 16 Posts
Guest news अतिथि अध्यापको ने डबल बेंच मेँ की याचिका दाखिल
JBT NEWS वेरिफिकेशन पर हलफनामा दे सरकार,, चयनित जेबीटी मामले मेँ सरकार ने मांगा जवाब
इसके बाद हाईकोर्ट ने नियुक्ति से ठीक पूर्व प्रक्रिया पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए थे। इन आदेशों के चलते 9455 नियुक्तियां अभी लंबित पड़ी हैं। इन नियुक्तियों का रास्ता साफ करने के लिए हरियाणा सरकार की ओर से अर्जी दाखिल की गई थी। यह अर्जी सुनवाई के लिए जस्टिस दया चौधरी की बेंच के समक्ष पहुंची थी। हरियाणा सरकार की ओर से इस अर्जी में कहा गया कि हरियाणा सरकार अतिथि शिक्षकों को हटा रही है और ऐसे में स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। ऐसे में हाईकोर्ट द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति पर लगाई गई रोक को हटाया
Tuesday, 28 July 2015
शिक्षा विभाग दे देता नहीँ मिला ग्राहक-- रामबिलास शर्मा
2500 एक्सटेंशन लेक्चरर की छुट्टी
सरकारी कॉलेजों में पिछले 5 वर्ष से पढ़ा रहे एक्सटेंशन लेक्चरर्स की सेवाएं उच्चतर शिक्षा विभाग ने नयी पॉलिसी बनाकर समाप्त की हैं। नयी पॉलिसी के तहत काॅलेजों में रिटायर्ड प्रिंसिपल, एसोसिएट या असिस्टेंट प्रोफेसरों को ही एक्सटेंशन लेक्चरर्स के तौर पर नियुक्त किया जाएगा। विभाग के इस निर्णय से काॅलेजों में पढ़ा रहे हजारों पीएचडी व नैट पास युवाओं का रोजगार छिन गया है। बेरोजगार हुए एक्सटेंशन लेक्चरर्स ने अब विभाग पर अदालत के फैसले के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए अवमानना का केस दर्ज कराने की बात कही है। विभिन्न छात्र यूनियनों ने भी सरकार के फैसले को युवा विरोधी करार देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व हुड्डा सरकार में वर्ष 2010 के बाद अतिथि अध्यापकों व प्राध्यापकों की नियुक्ति पर प्रतिबंध लगाने के बाद उच्चतर शिक्षा विभाग ने काॅलेजों में खाली पदों को भरने के लिए प्रति वर्ष एक्सटेंशन लेक्चरर्स लगाने का निर्णय लिया था। इसके लिए नियुक्त लेक्चरर्स को प्रति पीरियड 250 रुपये रोजाना या अधिकतम 18000 रुपये प्रति माह के हिसाब से मानदेय दिया जाता था। कॉलेज प्रशासन को खाली पदों को भरने के लिए बाकायदा विज्ञापन जारी करना पड़ता था तथा मेरिट के आधार पर पीएचडी या नैट धारक को अनुबंध पर रखा जाता था। प्रति वर्ष अनुबंध के लिए इंटरव्यू लेकर मेरिट लिस्ट बनाई जाती थी।
नयी नियुक्ति के लिए घोषित हो चुकी थी इंटरव्यू की तारीख
शिक्षा सत्र 2015-16 के लिए सरकार काॅलेजों ने एक्सटेंशन लेक्चरर्स के लिए विज्ञापन जारी कर दिया था। इंटरव्यू के लिए तारीखों का ऐलान भी हो चुका था लेकिन 21 जुलाई को विभाग ने सभी काॅलेजों को पत्र जारी कर इंटरव्यू रद्द कर एक्सटेंशन की प्रक्रिया रोकने के निर्देश दिए। एक्सटेंशन की नयी पॉलिसी बनाते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी काॅलेज प्राचार्यों को पत्र जारी कर एक्सटेंशन की शर्तों में बदलाव कर दिया। नयी शर्तों के अनुसार अब केवल रिटायर्ड प्रिंसिपल, एसोसिएट या असिस्टेंट प्रोफेसर्स को ही एक्सटेंशन लेक्चरर्स के तौर पर नियुक्त किया जा सकेगा।
एक्सटेंशन लेक्चरर्स ने कहा- अवमानना का केस करेंगे
एक्सटेंशन लेक्चरर्स एसोसिएशन की प्रदेश प्रधान संतोष मिगलानी ने कहा कि विभाग ने उनके साथ धोखा किया है। उन्होंने न्यायालय में केस दायर किया हुआ है तथा अदालत ने उनके मामले में स्टे दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी उल्लंघन किया है, जिसमें कहा गया है कि एक्सटेंशन पर लगे योग्य कर्मियों को हटाकर दोबारा एक्सटेंशन कर्मचारी नहीं लगाया जा सकता। हम सरकार के खिलाफ अवमानना का मामला दायर करेंगे।
जाट आरक्षण पर रोक
हाई कोर्ट ने सोमवार को दिए आदेश में इस मामले में राज्य सरकार की सभी दलीलों को नकार दिया। सरकार ने कहा था कि केंद्र सरकार द्वारा दिए गए आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है, ऐसे में राज्यों में दिए गए आरक्षण से इसका कोई लेना-देना नहीं है।
हाई कोर्ट ने कहा कि इस आयोग की सिफारिशें सुप्रीम कोर्ट द्वारा नकारे जाने के बाद इस मामले में हरियाणा सरकार को आरक्षण जारी रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इस फैसले के साथ ही उन उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगा है, जो राज्य में होने जा रही नई भर्तियों में आरक्षण का लाभ लेने की तैयारी कर रहे थे।
Saturday, 25 July 2015
जेबीटी शिक्षकों की बीएलओ ड्यूटी का पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने लिया कड़ा संज्ञान, शुक्रवार तक सरकार से माँगा जवाब।
केयू और एमडीयू को झटका नहीं मिली डिस्टेंस की मान्यता
प्रदेश में रोहतक की एमडीयू, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी और हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में ही डिस्टेंस के कोर्स कराए जाते हैं। 2012-13 में एमडीयू को तीन वर्ष के लिए मान्यता मिली थी। उसी समय यूजीसी ने निर्देश जारी कर दिए थे कि सत्र 2015-16 के लिए उसी यूनिवर्सिटी को मान्यता दी जाएगी, जो सभी नियमों को पूरा करेगी। इसमें पहली शर्त नियमित शिक्षकों की रखी गई थी, लेकिन एमडीयू तभी से डिपार्टमेंट के शिक्षकों के भरोसे ही डिस्टेंस के कोर्स चला रही थी। मौजूदा सत्र की मान्यता के लिए यूजीसी ने दो दिन पहले लिस्ट जारी कर दी। इसमें एमडीयू और केयूके को डिस्टेंस के लिए मान्यता नहीं दी गई।
सवाल : कहां जाएंगे 75 हजार विद्यार्थी
एमडीयू में इन कोर्सों की थी मान्यता
प्रदेश में सिर्फ हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी को मिली मान्यता, दोनों यूनिवर्सिटी के अधिकारी बोले, अभी और करेेंगे कोशिश
दोनों यूनिवर्सिटी के करीब 80 हजार विद्यार्थियों को हो सकती है मुश्किल, यूजीसी ने जारी की मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी की लिस्ट
पिछले सत्र में एमडीयू के डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर को अंग्रेजी, हिंदी, राजनीति विज्ञान, संस्कृत, लोक प्रशासन, इतिहास, प्रबंधन, लाइब्रेरी साइंस, गणित, कामर्स, ज्योग्राफी और कंप्यूटर साइंस को मान्यता दी गई थी।
एमडीयू से संबद्घ 12 जिलों में 539 कॉलेज हैं। आंकड़ों के मुताबिक, एमडीयू में हर साल करीब पचास हजार विद्यार्थी डिस्टेंस से पढ़ाई करते हैं। जबकि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में भी करीब 25 हजार से भी अधिक छात्र हर साल डिस्टेंस एजुकेशन में एडमिशन लेते हैं। दोनों ही यूनिवर्सिटी को इस सत्र के लिए मान्यता नहीं दी गई।
अस्थाई मांयता प्राप्त विद्यालयोँ के लिए एनरोलमेंट आवेदन की तिथि बढ़ाई
नियमित होगे तब ही छोड़ेंगे दिल्ली- गेस्ट टीचर
6 जिलो मे एचटेट परीक्षा के सेंटर न बनाए जाने की निंदा
शुक्रवार को जारी एक बयान में पूर्व आबकारी एवं कराधान मंत्री ने कहा कि यह फैसला हरियाणा सरकार द्वारा चलाए गए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के खिलाफ भी है, क्योंकि इन छह जिले की लड़कियों को अब एचटेट की परीक्षा देने के लिए 100 किमी से भी अधिक दूरी तक यात्रा करनी पड़ेगी, जो अन्याय होगा।
एचटेट परीक्षाथी का होगा दो बार थंब इंप्रेशन
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सूत्र बताते हैं कि परीक्षा केंद्र में एंट्री के बाद ऑनलाइन बायो मीट्रिक थम्ब इंप्रेशन लिया जाएगा। इसके बाद परीक्षा केंद्र के भीतर हर परीक्षार्थी का अंगूठे का निशान खास तकनीक इंकलेस से लिया जाएगा। परीक्षार्थी के फोटो की पहचान पुख्ता करने के लिए बोर्ड हर बार की तरह एडमिट कार्ड पर परीक्षार्थी का फोटो तो देगा ही, साथ ही इस मर्तबा हर अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वह गजेटेड आफिसर अथवा शिक्षण संस्था के प्रमुख से अटेस्टेड अपना फोटो साथ लेकर आएगा।
शिक्षा बोर्ड सेक्रेटरी पंकज ने दो बार थम्ब इंप्रेशन व अटेस्टेड फोटो के संबंध में लिये फैसलों की पुष्टि की है।
Friday, 24 July 2015
NEWLY SELECTED JBT NEWS--
Thursday, 23 July 2015
HTET NEWS-- 15 जिलों में बनाए जाएंगे पात्रता परीक्षा के सेंटर, एचटेट में हिन्दी विषय शामिल करने को ज्ञापन भेजा
इस बार हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए छह जिलों को छोड़कर शेष सभी में केंद्र
बनाए जाएंगे। शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने इस बार सिरसा में भी एचटेट करवाने का फैसला किया है। अब से पूर्व दो बार इस जिले में भी परीक्षा नहीं करवाई गई थी। इसके पीछे बोर्ड प्रशासन की सोच यह थी कि एचटेट में बाहरी हस्तक्षेप रोका जा सके। क्योंकि राजनीतिक रूप से प्रभावित जिलों में बाहरी हस्तक्षेप को रोकना मुश्किल हो जाता है। सूत्र बताते हैं कि इस बार बोर्ड
प्रशासन ने एचटेट के लिए सिरसा जिले को भी शामिल कर लिया है। परीक्षा केंद्रों को बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी, ताकि 30 व 31 अगस्त को पात्रता परीक्षा सुचारु रूप से संचालित की जा सके।इन जिलों में नहीं होगी परीक्षा
1. भिवानी 2. महेन्द्रगढ़ 3. झज्जर 4, रोहतक 5. पलवल 6. मेवात
क्यों लिया था आधे हरियाणा में पात्रता परीक्षा करवाने का फैसला हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने एचटेट में
धांधलियों को रोकने के लिए तीन साल पूर्व उन जिलों में यह परीक्षा नहीं करवाने का फैसला किया, जिनमें राजनीतिक
हस्तक्षेप ज्यादा है। तत्कालीन मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, तत्कालीन शिक्षा मंत्री के जिलों में यह परीक्षा संचालित नहीं
करवाई गई। हालांकि इसका काफी विरोध भी हुआ पर बोर्ड प्रशासन अपने फैसले पर अडिग रहा। सिरसा जिला भी पूर्व
मुख्यमंत्री का घरेलू जिला होने की वजह से इसे परीक्षा केंद्र बनाए बनाने का फैसला किया गया था। इएम के जिले में नहीं पर सीएम के जिले में होगा एचटेट इस बार शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने शिक्षा मंत्री के जिले महेन्द्रगढ़ में एचटेट के सेंटर नहीं बनाने का फैसला किया है। हालांकि पहले भी इस जिले में यह परीक्षा नहीं होती थी। हालांकि करनाल में पहले से ही यह परीक्षा होती आ रही है और इस बार भी बोर्ड प्रशासन ने सेंटर बनाने जा रहा है। क्योंकि इस बार केवल सिरसा ही एक नया ऐसा जिला है, जिसमें एचटेट के सेंटर बनाने का फैसला किया गया है। शिक्षा बोर्ड के सचिव पंकज कुमार ने कहा कि इस बार कोई बड़ा
फेरबदल नहीं किया गया है। केवल सिरसा ही एक नया जिला है,जहां परीक्षा केंद्र बनाए जा रहे हैं।
एचटेट में हिन्दी विषय शामिल करने को ज्ञापन भेजा
जागरण संवाददाता भिवानी : प्रदेश भर के संस्कृत महाविद्यालयों ने वित्त मंत्री को ज्ञापन भेज कर हरियाणा शिक्षक पात्रता
परीक्षा में ¨ हिन्दी विषय शामिल करने की मांग की है। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि एचटेट को संस्कृत महाविद्यालयों के लिए भी अनिवार्य की गई है। इस परीक्षा के पाठ्यक्रम में अंग्रेजी, संस्कृत बाल शिक्षण एवं मनोविज्ञान के 30-30 अंक और सामाजिक अध्ययन के लिए 60 अंक निर्धारित किए गए हैं। जबकि सीटेट जो सीबीएसई द्वारा संचालित की जाती है उसमें अंग्रेजी विषय की जगह 30 अंक ¨हदी विषय के लिए निर्धारित किए हैं। ज्ञापन में उन्होंने मांग की है कि एचटेट में भी अंग्रेजी की जगह ¨हिन्दी विषय को अनिवार्य किया जाए। ताकि संस्कृत के विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। उन्होंने वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु से आग्रह किया कि उनकी इस मांग को पूरा करवाएं ताकि संस्कृत के विद्यार्थियों का भी भला हो सके। ज्ञापन सौंपने वालों में ये रहे शामिल ईर्श्वरीय प्रसाद, जयपाल, संतोष यादव, सुनीता देवी, संगीता देवी, सुनीता देवी, नीलम, मेनका, उषा, सविता, सुशीला, सरोज, पुषा, रजनी, सोमवीर ¨सह, पवन कुमार, ललित कुमार, पंकज कुमार, प्रवीण कुमार, सुरेंद्र कोशिक, नरेंद्र कुमार, हनुमान प्रसाद, अजय आदि शामिल रहे






































