Thursday, 30 April 2015

CHANDIGARH JBT BHARTI ME 12 MAY KO HOGI SUNVAI

गवर्नमेंटस्कूलों में 1130 टीचर्स की रिक्रूटमेंट में स्पोर्ट्स कोटे की भर्ती को लेकर यूटी एजुकेशन डिपार्टमेंट ने जो प्रोविजनल लिस्ट अपलोड की थी वह अब उसके लिए जी का जंजाल बन गई है। डिपार्टमेंट ने उस लिस्ट को रातोरात हटा दिया लेकिन कुछ कैंडिडेट्स ने उसे सेव कर लिया और अब डिपार्टमेंट के खिलाफ दो कैंडिडेट्स सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) में चले गए। कैट ने एडमिनिस्ट्रेटर, एजुकेशन सेक्रेटरी और डीपीआई को नोटिस देकर पक्ष रखने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 12 मई को तय की गई है। तब तक मेरिट लिस्ट में बदलाव पर रोक लगाई है। इस ऑर्डर से जेबीटी कैडर की 21 पोस्ट्स की भर्ती पर असर पड़ेगा। कैट में गए कैंडिडेट्स ने स्पोर्ट्स कोटे पर डिपार्टमेंट के रुख को गैरकानूनी बताया है। भास्करने उठाया था मुद्दा: 22अप्रैल को सबसे पहले भास्कर ने बताया था कि एजुकेशन डिपार्टमेंट ने स्पोर्ट्स कोटे से ग्रेडेशन को गायब कर दिया है। डिपार्टमेंट ने एंट्रेंस एग्जाम तो सभी का लिया लेकिन स्पोर्ट्स कोटे के कैंडिडेट्स को उनके
एकेडेमिक्स के सर्टिफिकेट्स की वेरिफिकेशन के लिए नहीं बुलाया। भास्कर ने पहले ही बताया था कि जो प्रोविजनल लिस्ट अपलोड की गई उसे रातोरात हटा भी दिया और एक नई लिस्ट अपलोड की जिसके तहत कुछ कैंडिडेट्स के नाम ही गायब कर दिए। भास्कर के पास इस लिस्ट की कॉपी है। लिस्ट हटाने के बारे में पूछने पर तब डीपीआई ने कहा था कि यह सीडैक ने किया होगा। 480 टीचर्स की भर्ती पर एडवोकेटहरिंदर शर्मा और रविंदर पाल सिंह ने बताया कि कैट के ऑर्डर से स्पोर्ट्स कोटे की 21 पोस्ट्स पर नहीं बल्कि जेबीटी की सभी 480 पोस्ट्स पर फर्क पड़ेगा। इस कोटे के तहत जो सेलेक्ट होंगे वह संबंधित कैटेगरी में सीट लेंगे। स्पोर्ट्स का जो कैंडिडेट मेरिट लिस्ट से चुना जाता है वह अगर एससी कैटेगरी का है तो उस कैटेगरी के तहत भर्ती होगी और अगर वह कैंडिडेट जनरल कोटे का है तो जनरल में सीट पक्की होगी। ऐसे में यह रोक पूरे 480 टीचर्स की भर्ती पर असर करेगी।

HSSC INVITES FRESH REQUISITION FOR NEW VACCANCIES IN HARYANA


HTET 2015 JULY ME HO SAKTA HAI...


Chandigarh : एजुकेशन डिपार्टमेंट की एक और खामी उजगार, सवाल एक, जवाब अलग-अलग...

पहले स्पोर्ट्स कोटे की सीटें रद्द करने का मामला फिर जेबीटी कैडर का रिक्रूटमेंट क्राइटेरिया में गड़बड़ी और अब जेबीटी व टीजीटी कैडर के एग्जाम के रिजल्ट पर सवालिया निशान लग गए हैं। यूटी एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से शहर के गवर्नमेंट स्कूलों के लिए निकाली गईं टीचर्स की 1130 भर्तियों में एक के बाद एक धांधली सामने आ रही है। डिपार्टमेंट ने जिन जवाबों को जेबीटी एग्जाम में सही बताया। टीजीटी एग्जाम में डिपार्टमेंट ने उन्हीं जवाबों को गलत करार दिया है। गौरतलब है कि जेबीटी कैडर की 489 और टीजीटी कैडर की 548 पोस्ट्स हैं। डिपार्टमेंट की गलतियों से 1037 पोस्ट्स का रिजल्ट बदल सकता है। कारण यूटी एजुकेशन डिपार्टमेंट ने जेबीटी और टीजीटी का जो रिजल्ट निकाला है उनमें ऐसे तीन सवाल रहे, जिनके जवाब दोनों में अलग-अलग हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि डिपार्टमेंट इनमें से किसको सही मानता है। ऐसे समझें गड़बड़ी डिपार्टमेंट ने 31 जनवरी को जेबीटी और 1 फरवरी को टीजीटी का एग्जाम लिया। जेबीटी के
पेपर 1 सेट “ए’ में जो सवाल आया वह इस प्रकार रहे। क्वेश्चन नंबर 90 में ऑप्शन नंबर 4 को, क्वेश्चन नंबर 92 में ऑप्शन नंबर 2 को और क्वेश्चन नंबर 96 में ऑप्शन नंबर 1 को सही माना गया है। यह सभी आंसर यूटी एजुकेशन डिपार्टमेंट ने उस आंसर-की में बताए हैं, जिसे इसी साल फरवरी में अपलोड किया गया। इन 3 कारणों से क्वेश्चन होते कैंसिल डिपार्टमेंट ने पब्लिक नोटिस निकाल साफ किया किसी क्वेश्चन को अगर वह डिलीट करेंगे तो किन्हीं तीन कारणों से ऐसा होगा। 3 नंबर से रैंकिंग में 30 का पड़ेगा फर्क इस गड़बड़ी से जेबीटी और टीजीटी दोनों की मेरिट लिस्ट में फर्क पड़ेगा। जेबीटी की तो मेरिट लिस्ट पहले ही बन चुकी है, एेसे में इस लिस्ट में अगर किसी कैंडिडेट के तीन नंबर काे इधर उधर किया गया तो रैंकिंग में 30 का फर्क पड़ जाएगा। इसमें एक अच्छी बात यह है कि टीजीटी का रिजल्ट निकाला गया है लेकिन मेरिट लिस्ट अभी तैयार नहीं है। डीपीआई कमलेश कुमार भादू को लगातार कॉल किया गया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। बाद में एसएमएस का जवाब देते हुए लिखा कि "इट्स नॉट पॉसिबल’। फिर डिपार्टमेंट के ही ऑफिसर सुनील बेदी ने फोन करके कहा कि डीपीआई ने बात करने के लिए कहा है। बेदी को इस बारे में बताया गया और उन्होंने कि इस बारे में तो डीपीआई ही बता सकते है।

SECTION OFFICERS KI NIYUKTI PAR LAGI ROKK..


JBT THUMB IMPRESSION FARZI CANDIDATES PAR HOGA CASE


Friday, 24 April 2015

Plan 1 se 8 aur 9 se 12 ka Salary aur LTC ka bdgt aa chuka hai


MIS - रिकॉर्ड ऑनलाइन होने पर माना जाएगा दाखिला

सरकारी स्कूलों में बच्चों का दाखिला अब उस समय तक नहीं माना जाएगा, जब तक उसका रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं हो जाता। ऑनलाइन होने के बाद ही शिक्षा विभाग उस बच्चे का दाखिला मानेगी। यह शिक्षा विभाग द्वारा की गई दाखिला प्रणाली का एक हिस्सा होगा। विभाग ने सभी बच्चों का डॉटा आनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश भर में एमआइएस के तहत सरकारी स्कूलों की दाखिला प्रक्रिया का डाटा आनलाइन किया जा रहा है। यही नहीं जिला स्तर पर एमआईएस के बारे में शिक्षकों व स्कूल मुखियाओं को ट्रेनिंग भी दी जा रही है। इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य यही है कि पूरा रिकार्ड आनलाइन कर दिया जाएगा ताकि भविष्य किसी भी प्रकार का रिकार्ड आसानी से देखा जा सके और भविष्य में दाखिला प्रणाली भी आनलाइन हो सके। हालांकि आरंभिक स्तर पर स्कूल मुखियाओं को डाटा आनलाइन कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग द्वारा जो कागजात बच्चों के दाखिले के लिए मांगे गए हैं, फिलहाल उन्हें एक साथ एकत्रित करना पाना टेढ़ी खीर बना हुआ है। ऑनलाइन प्रणाली में अब सबसे बड़ा पेच यह भी सामने आ रहा है कि जब तक शिक्षक बच्चे के दाखिले को आनलाइन फीड नहीं कर देंगे, तब तक उस बच्चे का
दाखिला विभाग नहीं मानेगा। यानी बच्चे के दाखिला संबंधी जानकारी को हर हाल में आनलाइन करना होगा। उसके बाद ही बच्चे को स्टाइफंड सहित अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी। बिना कागजात नहीं होगा फीड नए नियमों के अनुसार बच्चे के दाखिला के समय अब अभिभावकों को आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, रिहायशी प्रमाण पत्र, माता-पिता का पैन नंबर, बीपीएल कैटेगरी, इंकम सर्टिफिकेट, विकलांगता प्रमाण पत्र (यदि विकलांग या मूक बधिर है तो), बैंक अकाउंट आदि की पूरी जानकारी देनी होगी। यदि यह सभी सर्टिफिकेट या जानकारी फार्म में नहीं भरी जाएगी तो आनलाइन फीड नहीं हो पाएगा, क्योंकि आनलाइन फीड करने के लिए संबंधित प्रमाण पत्र की कापी स्कैन करके अटैच की जाएगी। ऑनलाइन मिलेगी एसएलसी शिक्षा विभाग का दावा है कि अब एसएलसी (स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट) भी बच्चों को आनलाइन ही मिल सकेगा। जब कोई बच्चा स्कूल छोड़ना चाहेगा तो उस बच्चे को आनलाइन ही एसएलसी विभाग की तरफ से प्रदान की जाएगी। फिलहाल स्कूलों में एसएलसी के लिए फार्म भरकर देना होता है और उस पर स्कूल मुखिया व संबंधित कक्षा इंचार्ज हस्ताक्षर कर मोहर लगाकर देते हैं।

4 YEAR EXPERIENCE MATTER ME SUPREME COURT ME NEXT DATE 07 JULY 2015

Haryana Aaj supreme court main four year experience case ko listed hone k baad bhi final hearing k liye jagah nahi Mile ab next date 07/07/2015 hai

SABHI TERMINATED GUESTS KO STAY MILA

बडी राहत-518 गेस्ट टीचर्स में से जिन गेस्ट टीचर को स्टे नहीं मिला था आज हाई कोर्ट में सुनवाई होने के बाद सभी 518 गेस्ट टीचर्स को अगली तारीख एक मई 2015 तक बडी राहत दे दी है आज उन सभी पीडित टीचर्स को स्टे व राहत मिल गई है पिछली सुनवाई में केवल 518 टीचर्स में से 140 को ही राहत मिली थी अतः इन सभी 518गेस्ट टीचर्स का भविष्य एक मई की तारीख पर निर्भर है

JBT CASE ME LIST SE KOI OUT NAHI HOGA

न्यू जे बी टी कोर्ट केश ।।
आज फैसला सुरक्षित रखा ,कोर्ट ने कहा 9455 को ज्वाइन करवाकर बाकी शेष शीट पर चाहे तो 2013 एच टेट पास को ज्वाइन दे सकते है ये सरकार पर निर्भर करेगा ।एक सप्ताह में आ सकता है फैंसला ।

CHANDIGARH GUEST TEACHERS KI SALARY 1 DEC 2014 SE BADAYI GAYI.....


Result Declared for the post of TGT Education Department UT,Chandigarh Adminstration

Wednesday, 22 April 2015

STUDENTS KO MILEGI WATERPROOF DEGREE...

देशभर में फर्जी डिग्री के खेल पर अंकुश लगाने के लिए अब विश्वविद्यालयों द्वारा नए सत्र से विद्यार्थियों को वाटरप्रूफ डिग्रियां दी जाएंगी। इतना ही नहीं डिग्रियों के बार कोड में विद्यार्थी के परीक्षा का परिणाम का रिकॉर्ड भी छिपा होगा। इस सुविधा से डिग्री के कटने-फटने की समस्या नहीं रहेगी साथ ही फर्जीवाड़े के जरिये नौकरी पाने वाले धंधे पर भी रोक लगेगी। 1 दूसरी ओर विवि में दाखिले के वक्त उनके समक्ष डिग्री वेरिफिकेशन के लिए आने वाली समस्याओं का भी हल होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग
यानी यूजीसी ने तमाम विश्वविद्यालयों को एक पत्र भेजकर निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने विश्वविद्यालय की डिग्री को कुछ इस तरह सतरंगी डिजाइन में बनवाए कि अन्य कोई दूसरा इसका गलत इस्तेमाल न कर सके। साथ ही डिग्री को वाटरप्रूफ वाला बनाया जाए, ताकि उसके फटने, कटने या गिले होने की नौबत में उसे नुकसान न हो सके। यूजीसी ने विश्र्वविद्यालयों को यह भी निर्देश दिए है कि डिग्री पर एक बार कोड डलवाया जाए, जिसमें विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम का रिकॉर्ड दर्ज हो ताकि वेरिफिकेशन के लिए विश्वविद्यालयों को घंटों माथापच्ची न करनी पड़े।

KENDRA KI SARKAR NE KI SALARY KO BADAHANE KI TYARI.....

एक जनवरी 2016 से लागू होने वाले सातवें वेतन आयोग का लाभ केंद्र सरकार के करीब करीब 48 लाख कर्मचारियों को मिलेगा । पांचवे व छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को देखते हुए सातवां वेतन आयोग लागू होने पर कर्मचारियों के मूल वेतन में 40 से 50 प्रतिशत तक की बढोतरी हो सकती है । पांचवें वेतन आयोग के बाद कर्मचारियों के मूल वेतन में करीब 50 प्रतिशत की बढोतरी हुई थी जबकि छठे वेतन आयोग में ये वृद्धिद न्यूनतम 40 प्रतिशत थी। सातवें वेतन आयोंग की सिफारिशें लागू करने से पहले केन्द्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों से कुछ बिन्दुओं पर सुझाव मांगे हैं। केंद्र सरकार से कुछ राज्य सरकारों ने सातवां वेतन आयोग लागू करने के लिए आर्थिक मदद की मांग करनी भी शुरू कर दी है। 30 हजार करोड़ रुपये का पड़ेगा बोझ सातवें वित्त आयोग के लिए केन्द्र सरकार के साथ राज्य सरकारों ने भी तैयारी शुरू कर दी है । यूपी सरकार की ओर से वेतन आयोग के लिए विशेष सचिव स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। अधिकारी बताते हैं कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशें एक जनवरी 2006 से लागू हुई थीं। जिसके बाद यूपी सरकार पर करीब 15 हजार करोड़ रूपये का अतिरिक्त भार आया था। संभावना इस बात की
जताई जा रही है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद सरकार का बोझ 15 हजार करोड़ रूपये से बढ़ कर 30 हजार करोड़ रूपये तक पहुंच जाएगा। 30 हजार करोड़ रूपये के अतिरिक्त बोझ का आकलन इस हिसाब से हो रहा है कि छठा वेतन आयोग जिस समय लागू हुआ उस समय महगाई दर 86प्रतिशत थी जो आज़ बढ़ कर 113 प्रतिशत हो गई है। इस लिए बनता है आयोग देश के विकास गति की वृद्धिय को देखते हुए ही वेतन आयोग का निर्धारण किया जाता है । सरकार का मानना है कि देश का जो विकास होता है उस विकास का कुछ हिस्सा कर्मचारियों को भी मिलना चाहिए । सरकार हर दसवें साल पर वेतन आयोग का गठन कर कर्मचारियों के वेतन वृद्धि का निर्धारण करती है । पांचवा वेतन आयोग एक जनवरी 1996 को तथा छठा वेतन आयोग एक जनवरी 2006 को लागू हुआ था। सातवां वेतन आयोग एक जनवरी 2016 से लागू होगा। केन्द्र सरकार की ओर से कुछ बिन्दुओं पर जवाब माँगा गया था जो भेज दिया गया है । इसके अतिरिक्त केंद्र की ओर से सुझाव भी मांगा गया है । यूपी सरकार की ओर से केंद्र को कहा गया है कि पे कमिशन लागू करते हैं तो आर्थिक मदद भी दें, क्योकि राज्य पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा

CHANDIGARH TGT KA RESULT 23 APRIL KO aayega..

TGT का रिजल्ट 23 अप्रैल को । शिक्षा विभाग टीजीटी पदों के लिए फरवरी में ली गई लिखित परीक्षा का रिजल्ट इसी हफ्ते में घोषित करने की तैयारी में है। यूटी प्रशासन के शिक्षा सचिव सर्वजीत सिंह ने बताया कि 23 अप्रैल में टीजीटी पदों के लिए लिखित परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मई में हर हाल में 1150 नए शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दे दिए जाएंगे। उधर, शिक्षा विभाग एनटीटी और जेबीटी काउंसिलिंग के लंबित केसों का निपटारा भी 23 अप्रैल को सेक्टर-10 स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कर दिया जाएगा।

Monday, 20 April 2015

SPORTS COACH KO MILENGE FREE TABLET..AND INTERNET CONNECTION

प्रदेश के सभी कोच और स्टेडियमों को नया तोहफा दिया जाएगा। कोचों को जहां विभाग की ओर से टैबलेट तो स्टेडियमों में हर प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तीसरी आंख कहे जाने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना खेल निदेशालय की ओर से योजना तैयार कर ली गई है। बाकायदा निदेशालय की ओर से इसके लिए एक बजट की रूपरेखा तैयार कर ली है। खेल विभाग के मंत्री ने योजना को मंजूरी दे चुके हैं। खेल विभाग की ओर से प्रदेश के सभी कोचों को टैबलेट देने के लिए योजना है। प्रदेश में कुल कोच करीब 1180 है जो अलग-अलग खेलों से संबंधित है। इन कोचों को टैबलेट दिए जाने के साथ-साथ इंटरनेट कनेक्शन भी दिया जाएगा। टैबलेट दिए जाने का मुख्य मकसद विभाग का स्टेडियमों में चलने वाले खेलों के बारे आलाधिकारियों को मिनट टू मिनट हर प्रकार की जानकारी अपडेट करना है। स्टेडियम में कोई भी खेल या अन्य कोई प्रोग्राम होता है तो उसकी जानकारी भी कोच को अपने टैबलेट के जरिए आलाधिकारियों को दिखानी होगी। सूत्रों के मुताबिक विभाग ने पूरी योजना तैयार करके खेल
मंत्री अनिल विज के पास भेजी थी जिसे मंत्रीजी मंजूरी भी दे चुके है। सूत्रों के मुताबिक मंजूरी मिलते ही विभाग की ओर से कोचों को टैबलेट देने के लिए एक प्राइवेट कंपनी को इसका ऑर्डर भी दिया जा चुका है। इसका कुल बजट करोड़ों में है और बजट जारी भी किया जा चुका है। ऐसे में जल्द ही सभी कोचों को उनके प्रयोग के लिए टैबलेट और इंटरनेट कनेक्शन दिए जाएंगे। अधिकारी देख सकेंगे लाइव स्टेडियम प्रदेश के सभी कोचों को टैबलेट दिए जाने के साथ ही उसे प्रयोग करने के लिए एक सेंट्रल कोड और एक अलग से नया कोड दिया जाएगा। इसके जरिए अधिकारी और खेल विभाग मंत्री सिर्फ एक क्लिक से स्टेडियम में होने वाली हर प्रकार की गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे। टैबलेट के साथ एक स्टैंड दिया जाएगा, जिस पर टैबलेट के माध्यम से कोच मैदान में होने वाली गतिविधियों से अधिकारियों को लाइव दिखा सकेंगे। कोचों को एक स्टैंड भी दिया जाएगा। स्टेडियम में होने वाले खेल या अन्य कार्यक्रम को लाइव दिखाने के लिए कोच का स्टेडियम में होना जरूरी होगा। लगाई जाएगी तीसरी आंख वहीं दूसरी ओर टैबलेट के साथ ही खेल विभाग की ओर से प्रदेश के सभी खेल स्टेडियमों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना भी तैयार की जा रही है। एक-एक स्टेडियम में दर्जन से अधिक कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरे लगाए जाने का मुख्य मकसद स्टेडियम में होने वाली हर प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखना है। ऐसे में जो लोग स्टेडियम या विभाग में काम नहीं करते है उन पर नजर रखी जाएगी। अभी तक कोई भी ऐसा एक स्टेडियम नहीं है जहां सीसीटीवी कैमरे लगे हो। खेलों में आएगी पारदर्शिता खेल मंत्री अनिल विज से बात की गई तो उनका कहना है कि इस योजना का शुभारंभ नई खेल नीति के तहत ही किया जा रहा है। इस योजना के तहत खेल स्टेडियमों में नजर रखी जा सकेगी और खेलों में भी पहले से अधिक पारदर्शिता आएगी।

HARYANA KA DIPLOMA NHI MAAN RHI NAU SENA


JBT 9870 BHARTI: HTET/CTET 2013 CASE MAI AGLI DATE 22 अप्रैल 2015 LAGI..


SHIKSHA VIBHAG BANA PRYOGSHALA

शिक्षा विभाग को प्रयोगशाला बना दिया है ।हुड्डा ने जंहा नो से 12 क्लास पीजीटी को देकर 15 हजार पीजीटी भर्ती किये थे ।अब नई सरकार फिर से 6 से 10 मास्टर और C&V को देने जा रही है जिस से पीजीटी इतनी बड़ी संख्या में सरप्लस होंगे उन्हें किसी भी हालत में समायोजित नही किया जा सकता है ।हो सकता है अब हसला आंदोलन शुरु कर दे ।अधिकारियो को खुश करने की खातिर सी आर पी को साल भर चलाने की बात भी सुनी जा रही है जो अनुचित है ।फिर अच्छा परिणाम न आने पर टीचर पर कारवाही को कोई औचित्य नही बनता है ।इसके लिए पहली से 12 वी तक सलेबस बदलने की जरूरत है ।पहली से आठवी तक के सेमस्टर खत्म करने से ज्यादा जरूरी था कि आठवी कक्षा बोर्ड की हो ।हर स्तर पर विरोधा भाष देखने को मिलता है ।पांच हजार से ज्यादा मिडल हेडमास्टर बनाये गए है मगर उनको कोई अधिकार नही दिए गए है ।जिस से उस पद का कोई महत्व ही नही है ।एक कैम्प्स में चलने वाले स्कूल में मिडल हेड को अब तक DD POWER नही दी है ।हर बार कहा जाता है कि शिक्षक से शिक्षण के अतिरिक्त कोई कार्य नही लिया जाएगा मग़र सब पहले
जैसे ही जारी है ।प्रिंसिपल पोस्टमास्टर बन कर रह गए है ।जिन 284 स्कूल में इस सत्र से प्रोफेसनल एजुकेशन लागु की है अब तक उनमे कोई टीचर नही आया है ।नॉन मेडिकल और कॉमर्स हजारो स्कूल में मग़र टीचर 5% में भी नही है जिस कारण इन में कोई एड्मिसन भी नही कर सकते ।तकनिकी शिक्षा का एक बड़ा उदहारण यह है कि तीन चार साल पहले 12 वी तक के स्कूल में ब्रॉडबैंड युक्त लैब स्थापित की गई थी जिसमे बीस 25 कंप्यूटर् आदि लाखो का समान आया है मग़र वह लैब आज तक इंस्टॉल नही हुई है ।सफ़ेद हाथी बने जरनेटर जिनकी कॉस्ट लाखो में है उनके लिए कोई डीज़ल का प्रावधान नही है ।क्या ये सब निजी कंपनी से कमिसन एठने के लिए मंगवाए गए है ।एक और दूसरी लेब जिसको कभी टीचर नही मिला अगर रखे भी गए तो वह भी 120 रूपये रोजाना ।बाद वाले अभी सड़क पर ही है। प्रिंसिपल की पोस्ट आधे से ज्यादा खाली है ।जितना जोर सरकार 134 A लागू करवाने में लगा रही है उस से आधा जोर अपने सरकारी स्कूल में लगाए ।उन्हें निजी स्कूल की जरूरत नही पड़ेगी ।गीता या क़ुरान लगवाने से कुछ नही होता है ।सिस्टम को इस तरह से सुधारा जाए कि वास्तव में गरीब को शिक्षा मिल सके वरना केवल हम डाटा क्लेक्ट कर रहे है । 

हजारों कंप्यूटर टीचरों को नौकरी देने का रास्ता साफ

हरियाणा में पिछले तीन माह से संघर्ष कर रहे पूर्व अस्थाई कंप्यूटर टीचरों को फिर से नौकरी दिए जाने का रास्ता साफ हो रहा है। सरकार ने इसके लिए रणनीति तैयार कर ली है। जिसे अगले सप्ताह अमली रूप दिया जा सकता है। सरकार ने संघर्षरत कर्मचारियों को नौकरी प्रदान किए जाने का मन बना लिया है। बुनियादी ढांचे के अभाव में योजना सिरे नहीं चढ़ पाईहरियाणा की पूर्व हुड्डा सरकार ने अगस्त 2013 में प्रदेश के स्कूलों में कंप्यूटर लगाने तथा विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए आउटसोर्सिंग के आधार पर कंप्यूटर अध्यापक भर्ती करने का ठेका दिया था। तत्कालीन सरकार ने नोएडा की श्रीराम न्यूओरीजन प्राईवेट लिमिटेड, दिल्ली की ट्रांसलाइन प्राईवेट लिमिटेड तथा चंडीगढ़ भूपिंद्रा एसोसिएट्स को हरियाणा के स्कूलों में कंप्यूटर लगाने तथा अध्यापकों को भर्ती करने का ठेका दिया था। जिसके चलते संबंधित कंपनियों ने प्रदेश में 2852 कंप्यूटर शिक्षकों को भर्ती करके विद्यार्थियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान करना शुरू किया था। बुनियादी ढांचे के अभाव में सरकार की यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई और संबंधित कंपनियों ने कंप्यूटर शिक्षकों को दिए जाने वाले वेतन एवं भत्तों की अदायगी पर रोक लगा दी। इस विवाद के चलते 19 जनवरी
2015 को संबंधित अस्थाई कंप्यूटर टीचर सडक़ों पर उतर आए और कंपनी तथा सरकार के खिलाफ संघर्ष शुरू कर दिया। इस बीच सरकार ने बीती 22 मार्च को तीनों कंपनियों का अनुबंध रद्द कर दिया था। जिसके चलते कंप्यूटर शिक्षकों की सेवाएं भी बंद हो गई। इसके बाद से कंप्यूटर टीचर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। नियमित नौकरी प्रदान करने की घोषणा कीसत्ता में आने से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल विज, रामबिलास शर्मा समेत कई नेताओं ने इन कंप्यूटर अध्यापकों के संघर्ष का खुला समर्थन करते हुए नियमित नौकरी प्रदान करने की घोषणा की थी। भाजपा की सरकार बने छह माह होने को हैं लेकिन कंप्यूटर टीचरों की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इस संघर्ष के दौरान कंप्यूटर टीचरों पर कई बार लाठीचार्ज भी हो चुका है। भाजपा ने किया था वादास्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कंप्यूटर टीचरों के विषय पर मुख्यमंत्री मनोहरलाल से बात की थी। जिन्होंने अतिरिक्त प्रधान सचिव राकेश गुप्ता को इस मामले का समाधान किए जाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के अनुसार मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। भाजपा ने चुनाव से पहले कंप्यूटर टीचरों के साथ उन्हें नौकरी दिए जाने का वादा किया था। सरकार ने संघर्षरत कंप्यूटर टीचरों की समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा। इसके लिए योजना तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि संभ्वत अगले सप्ताह होने वाली बैठक में इस संबंध में कोई ठोस निर्णय ले लिया जाएगा।

सीएम सचिवालय में विभागों की जिम्मेदारी तय

हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री सचिवालय में विभागों का बंटवारा हो गया है। सभी अधिकारियों और मुख्यमंत्री के ओएसडी को विभागों की जिम्मेदारी दे दी गई है। सुमिता मिश्रा के स्थानांतरण के बाद सीएमओ में खाली हुए विभागों का भी निर्धारण किया गया है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कौशल के पास पुराने विभागों के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय की जिम्मेदारी रहेगी। मुख्यमंत्री के विशेष प्रधान सचिव राजेश खुल्लर को पूर्व एपीएस सुमिता मिश्रा के सभी विभाग दिए गए हैं। कौशल के पास टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, चकबंदी, गृह, अपराध, इंडस्ट्री, खनन एवं भूविज्ञान, पंचायत, प्रशासन रिफार्म सहित अन्य महत्वपूर्ण विभाग हैं। वहीं राजेश खुल्लर के पास मार्केटिंग बोर्ड, रेनेवल एनर्जी, कृषि, बागवानी, परिवहन, जनस्वास्थ्य, हाउसिंग बोर्ड, खेल, खादय एवं आपूर्ति और अर्बन लोकल बाडी सहित अन्य महत्वपूर्ण विभाग हैं। दूसरी ओर मुख्यमंत्री के
अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. राकेश गुप्ता को स्वास्थ्य का लंबा अनुभव है। लिहाजा उन्हें स्वास्थ्य के साथ, शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, महिला एवं बाल विभाग सहित अन्य महकमों की जिम्मेदारी दी गई है। डा. गुप्ता को कंप्यूटर शिक्षकों के मामले में हल निकालने की भी जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के ओएसडी के कार्यों में भी बदलाव किया गया है। इसमें ओएसडी सीएम रेजिडेंस कैप्टन भूपेंद्र को वन एवं जीव-जंतु विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि मुकुल कुमार और जवाहर यादव के पास पुराने विभाग यथावत हैं।

पहली से 8वीं तक खत्म होगा सेमेस्टर सिस्टम.....

सरकार अध्यापकों को केवल शैक्षणिक कायरें तक सीमित रखने तथा उनसे किसी भी प्रकार का गैर-शैक्षणिक कार्य न करवाने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गई। चुनाव विभाग द्वारा नियुक्त बीएलओ शिक्षकों को बीएलओ के कार्यभार से शीघ्र मुक्त कर दिया जाएगा। वित्तायुक्त और प्रधान सचिव ने संघ का यह सुझाव स्वीकार कर लिया कि कक्षा तत्परता कार्यक्रम केवल एक माह की बजाय इसकी उपयोगिता देखते हुए इसे पूरा वर्ष जारी रखा जाए। पहले देरी से किताबें आने तक एक माह तक कार्यक्रम जारी रहता था। सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के
प्रदेशस्तरीय प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ में शिक्षा विभाग के वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव टीसी गुप्ता से मिला। इस दो दिन की वार्ता में सहमति बनी कि सेमेस्टर सिस्टम कक्षा 1 से 8 तक इसी शैक्षणिक सत्र से समाप्त हो जाएगा, लेकिन इसे कक्षा 9 से 12 तक के लिए जारी रखा जाएगा। ऐसे में अब कक्षा 6 से 10 तक को स्कूल लेक्चरर नहीं पढ़ाएंगे, वे कक्षा 11 और 12 तक सीमित रहेंगे। कक्षा 6 से 10 तक का शिक्षण कार्य मास्टर और सीएंडवी टीचर ही करेंगे। इसी के मुताबिक प्रत्येक स्कूल में पदों की संख्या तय होगी।

CBSE NE NET EXAM ME KIYA BADLAV..4 CENTER BHRNE HONGE..

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) में एक बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत अब आवेदकों को आवेदन के वक्त परीक्षा के लिए चार शहरों का चयन करना होगा। इन्हीं में से किसी एक शहर में उन्हें परीक्षा देनी होगी। पहले परीक्षार्थी जिस जिले से आवेदन करते थे उसी जिले में परीक्षा देते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सीबीएसई ने यह कदम परीक्षा में नकल की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर उठाया है।
नेट-जेआरएफ परीक्षा 28 जून को सीबीएसई के तत्वावधान में राष्ट्रीय पात्रता एवं जूनियर रिसर्च फैलोशिप परीक्षा (नेट/जेआरएफ) परीक्षा 28 जून को होगी। अभ्यर्थी 15 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। व्याख्याताओं की भर्ती और शोधार्थियों को फैलोशिप के लिए सीबीएसई को नेट/जेआरएफ परीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। इस वर्ष 28 जून को करीब 84 विषयों के लिए परीक्षा होगी। सीबीएसई ने वेबसाइट पर सूचना अपलोड कर दी है।

HARYANA D.ED KA RESULT 21 APRIL 2015 KO AAYEGA

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित डीएड तृतीय सेमेस्टर (पूर्ण विषय) एवं प्रथम, द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ सेमेस्टर (रि- अपीयर) परीक्षा जनवरी-2015 का परिणाम 21 अप्रैल को घोषित किया जाएगा। ये परीक्षा परिणाम बोर्ड की वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं। बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि इन परीक्षाओं की परिणाम शीट्स एवं परिणाम के आधार पर रि-अपीयर परीक्षार्थियों के आवेदन पत्रों के लिफाफे सम्बन्धित जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में सभी सम्बन्धित संस्थाओं को 21 अप्रैल को प्रात: 10 बजे से सांय पांच बजे तक वितरित किए जाएंगे।

HARYANA CLERK VACANCY APPLY NOW.......

Friday, 17 April 2015

हरियाणा में एससी, एसटी को प्रमोशन में आरक्षण

बाबा साहेब के 124 वें जन्मदिवस समारोह पर सीएम खट्टर का ऐलान, 2006 से होगा लागू अमर उजाला ब्यूरो रोहतक/कुरुक्षेत्र। अंबेडकर जयंती पर मंगलवार को रोहतक में सीएम मनोहर लाल खट्टर ने ‘हरियाणा एक, हरियाणवी एक’ का नया नारा दिया है। वहीं, कुरुक्षेत्र में अंबेडकर भवन के शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि साल 2006 से प्रदेश के एससी और एसटी कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए आंकड़े एकत्रित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास किया जाएगा और सरकार समाज में अंत्योदय योजना के
तहत सबसे अंतिम पिछडे़ व्यक्ति को आगे बढ़ाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि जाति, व्यवस्था, शिक्षा, आर्थिक आधार अलग हो सकते हैं, लेकिन जब समाज की बात आएगी तो हम सब एक होंगे। हमें स्पर्धा जातिगत आधार पर नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के विकास से करनी है। पूर्व की राजनीतिक पार्टियों ने जाति की राजनीति की, लेकिन हम बडे़ लक्ष्य के लिए काम करेंगे

टीजीटी पाएंगे पीजीटी पद पर पदोन्नति

पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स) के खाली पदों पर सीधी भर्ती का विरोध कर रहे टीजीटी (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर्स) की मुराद स्कूल शिक्षा विभाग जल्द पूरी करने के मूड में है। विभाग ने टीजीटी को पदोन्नत कर प्रमोशन कोटे के खाली पड़े साढ़े सात हजार पीजीटी के पद भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पदोन्नति के लिए पात्र शिक्षकों से दोबारा आवेदन मांगे गए हैं। पूर्व में काफी शिक्षकों के आवेदन न करने से मामला अटक गया था।1शिक्षकों के रुचि न दिखाने से विभाग ने सभी पद सीधी भर्ती से भरने के संकेत दिए थे। इससे टीजीटी के पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्होंने सीधी भर्ती के विरोध में झंडा बुलंद कर दिया। शिक्षा मंत्री और स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को शिकायत पत्र भी भेजे। इसे देखते हुए विभाग ने प्रमोशन कोटे के पीजीटी पद
टीजीटी से ही भरने का निर्णय लिया है। साथ ही मौलिक स्कूल मुख्य अध्यापकों के पद भरने व द्वितीय श्रेणी का दर्जा देने को लेकर भी कार्रवाई की जा रही है। हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश मलिक ने बताया कि पदोन्नति व सीधी भर्ती में एक समान सिद्धांत को अपनाते हुए विभाग पीजीटी पदों पर अध्यापन विषय की शर्त भी हटा सकता है। चूंकि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीसी गुप्ता को उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति मुहैया करा दी है। प्रतिनिधिमंडल जल्द ही इसी सप्ताह शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा से मिलेगा।

Thursday, 16 April 2015

Pension - 32 लाख लोगों पर असर डालने वाली पेंशन स्कीम पर रोक

दिल्ली 32 लाख लोगों पर पड़ेगा असर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने इस महीने से 1000 रुपये की न्यूनतम पेंशन स्कीम को निलंबित कर दिया है। इसका सीधा असर देश के 32 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। यह स्कीम सितंबर, 2014 से शुरू हुई थी और इसके तहत 1000 से कम पेंशन पाने वालों की पेंशन बढ़ा कर 1000 रुपये प्रति महीने कर दी गई थी। इस स्कीम को रोक दिए जाने के बाद पेंशनभोगी पहले की दर से ही पेंशन हासिल कर सकेंगे। ईपीएफओ ने अपने फील्ड दफ्तरों को जारी सर्कुलर में कहा है कि सरकार की ओर से इस स्कीम को 31 मार्च से आगे जारी रखने के संबंध में कोई निर्देश न मिलने की वजह से इसे निलंबित कर दिया गया है। सितंबर से हुई थी शुरू पिछले साल 19 अगस्त को जारी सरकारी अधिसूचना के
मुताबिक न्यूनतम पेंशन 1 सितंबर, 2014 से 1 मार्च, 2015 तक लागू होनी थी। आदेश में कहा गया था कि इस परिस्थिति में ईपीएफओ सरकार के निर्देश और 19 अगस्त, 2014 को जारी अधिसूचना के प्रावधानों से आगे जाकर पेंशन जारी रखने की अनुमति नहीं दे सकता। इसलिए अप्रैल, 2015 को जारी होने वाली पेंशन के संबंध में पुरानी दरें ही लागू होंगी। इसका मतलब यह है कि इस महीने को जारी होने वाली पेंशन में न्यूनतम पेंशन राशि का निर्देश लागू नहीं होगा।

Tuesday, 14 April 2015

RAJASTHAN MAI D.A 6 % INCREASE HUA

जयपुर राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने मंहगाई भत्ता (डीए) में 6 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इस संबंध में सोमवार को वित्त विभाग ने आदेश जारी किए। अब कर्मचारियों को मूल वेतन पर 107 की जगह 6 फीसदी बढ़कर 113 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। इससे करीब सात लाख अधिकारी-कर्मचारी और तीन लाख पेंशनर्स लाभांवित होंगे। वित्त विभाग के अनुसार यह डीए 1 जनवरी 2015 से लागू होगा। 1 जनवरी 2015 से लेकर 31 मार्च तक की भत्ते की राशि को कार्मिकों के सामान्य निधि कोष (जीपीएफ) में जमा किया जाएगा । साथ ही जो भत्ता बनता है वह 1 अप्रैल 2015 से कर्मचारी को जुडकर
मिलेगा। राजस्थान सिविल सर्विसेज 2008 के तहत वित्त विभाग ने इसे 1 जनवरी 2015 से लागू करने के आदेश जारी किए है । भत्ता बढने के साथ एरियर भी 1 जनवरी 2015 से 31 मार्च 2015 तक प्रदेश के करीब 7 लाख राज्य कर्मियों और 3 लाख पेंशन धारको को मिलेगा ।

Saturday, 11 April 2015

पीजीटी के पद जौ निकलेंगे उनकी जानकारी

टीजीटी हरियाणा कैडर के
पद--
साइंस = 895 पद
फिजिकल एजुकेशन = 662 पद
उर्दू = 31 पद
म्यूजिक = 34 पद
होम साइंस = 72 पद
कुल = 1694 पद
टीजीटी मेवात कैडर--
साइंस =201 पद
फिजिकल एजुकेशन =18 पद
होम साइंस = 06 पद
कुल = 225 पद

चंडीगढ एनटीटी ओर जे बी टी शिक्षक भर्ती परीक्षा की मेरिट लिस्ट घोषित

चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने नर्सरी
टीचर्स (एनटीटी) और
जूनियर बेसिक टीचर्स
(जेबीटी) शिक्षक भर्ती के
लिए जनवरी और फरवरी में आयोजित
लिखित परीक्षा की मेरिट लिस्ट घोषित कर
दी है। इससे पहले 07 अप्रैल को लिखित
परीक्षा का रिजस्ट घोषित हुआ था। सप्ताह भर में
ही नए शिक्षकों को ज्वाइनिंग लेटर जारी
कर दिए जाएंगे। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग ने
एनटीटी के 103 और
जेबीटी के 489 पदों के लिए 31
जनवरी और 1 फरवरी को को लिखित
परीक्षा आयोजित की थी।
एनटीटी लिखित परीक्षा में
करीब 2300 और जेबीटी
परीक्षा में 10 हजार से अधिक
अभ्यर्थी बैठे थे। डीपीआई
(स्कूल) कमलेश कुमार ने बताया कि प्रोविजिनल मेरिट लिस्ट
जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि
15 दिन के भीतर
भर्ती प्रकिया को पूरा कर लिया जाएगा।
डीपीआई के अनुसार,
टीजीटी के 548 पदों के लिए
हुई लिखित परीक्षा का रिजल्ट भी हफ्ते
भर में जारी कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि
करीब पांच साल बाद शिक्षा विभाग में स्थायी
शिक्षकों की भर्ती की जा
रही है। 2009 में शिक्षक भर्ती घोटाला
से सबक लेते हुए शिक्षा विभाग इस बार सिर्फ लिखित
परीक्षा की मेरिट के आधार पर शिक्षकों
का चयन करेगा। इंटरव्यू प्रक्रिया को पूरी तरह खत्म
कर दिया गया है। मेरिट लिस्ट देखने के लिए वेबसाइट पर संपर्क
किया जा सकता है।

कंप्यूटर टीचर की जंग जारी हे

हरियाणा के
सरकारी स्कूलों के कंप्यूटर शिक्षक बीते
82 दिन से सड़क पर हैं। प्रदेश की पूर्व सरकार ने
तीन निजी कंपनियों के माध्यम से उन्हें
नौकरी दी थी, लेकिन 20
महीने चली नौकरी में
भी कंप्यूटर शिक्षकों को केवल 6 महीने
ही वेतन मिला। वह भी दो बार हड़ताल
करने केबाद। प्रदेश में नई सरकार आई तो नए बने मंत्रियों ने चुनाव
से पहले कंप्यूटर शिक्षकों से किए वादे भुला दिए। भाजपा सरकार ने
निजी कंपनियों की धांधलियों के मद्देनजर
उनका कांट्रैक्ट खत्म कर दिया। कुल 2852 कंप्यूटर शिक्षक
पंचकूला में हरियाणा शिक्षा सदन के बाहर 82 दिन से धरना दे
रहे हैं। शिक्षकों की मांग है कि कंपनियों का कांट्रैक्ट
खत्म कर दिए जाने केबाद शिक्षकों को शिक्षा विभाग के
अधीन लिया जाए। प्रदेश सरकार भी
लगातार आश्वासन देती
रही है, लेकिन कोरे आश्वासनों से तंग आकर जब-
जब भी कंप्यूटर शिक्षकों ने सड़क पर प्रदर्शन किया,
उन्हें पुलिस के जबरदस्त लाठीचार्ज झेलना पड़ा।
बीते 82 दिन में कंप्यूटर सात बार
लाठीचार्ज का शिकार हो चुके हैं। इनमें कई पुरुष और
महिला शिक्षकों को गंभीर चोटें आई हैं और कई
शिक्षकों को पीजीआई चंडीगढ़
में दाखिल कराना पड़ा है। बुधवार को कंप्यूटर टीचरों पर
सातवीं बार लाठीचार्ज हुआ और अगले
दिन मुख्यमंत्री के ओएसडी ने उन्हें
बातचीत के लिए भी बुला लिया। लेकिन,
शुक्रवार को हुई बातचीत का नतीजा-
वही पुराना आश्वासन। हरियाणा के
सरकारी स्कूलों में अब छठी से
बारहवीं तक कंप्यूटर शिक्षा बंद हो
चुकी है। पिछली सरकार में
निजी कंपनियों के जरिए कांट्रैक्ट पर रखे 2852
कंप्यूटर शिक्षक नई सरकार आते ही बेरोजगार हो
गए। भाजपा सरकार ने निजी कंपनियों का कांट्रैक्ट
भी रद्द कर दिया।

9455 जेबीटी की ज्वाइनिंग का रास्ता साफ

चंडीगढ़, 10 अप्रैल (ट्रिन्यू) हरियाणा के 9,455
चयनित जेबीटी शिक्षकों की
ज्वाइनिंग का रास्त साफ हो गया है। प्रदेश सरकार ने संकेत दिए
हैं कि जल्द ही इन शिक्षकों के नियुक्ति आदेश
जारी होंगे। ज्वाइनिंग केवल उन्हीं
शिक्षकों की होगी जिनके फिंगर प्रिंट्स
वेरिफिकेशन में सही आएंगे। इन शिक्षकों का चयन
पूर्व की हुड्डा सरकार के कार्यकाल में हुआ था,
लेकिन पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के चलते
इनकी नियुक्ति नहीं हो
सकी थी। मामला अभी
भी हाईकोर्ट में चल रहा है और हाईकोर्ट राज्य
सरकार को फिंगर प्रिंट्स वेरिफिकेशन के कार्य को जल्द पूरा करने के
आदेश दे चुका है। शुक्रवार को शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव
टीसी गुप्ता ने कहा कि विभाग जल्द
वेरिफिकेशन के काम को पूरा करवा लेगा। वेरिफिकेशन होते
ही शिक्षकों की नियुक्ति कर
दी
जाएगी। विभाग के सूत्रों की मानें तो
वेरिफिकेशन के लिए 800 से अधिक चयनित
जेबीटी शिक्षक पहुंचे ही
नहीं हैं। इन शिक्षकों को नोटिस भी
जारी किए गए हैं। टीसी
गुप्ता ने कहा कि सभी स्कूलों में शिक्षकों
की कमी को पूरा करने के लिए जल्द
ही 8 हजार
पीजीटी व 2 हजार
टीजीटी शिक्षकों
की भर्ती की
जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के रेशनेलाइजेशन
के लिए भी जरूरी दिशा-निर्देश
जारी कर दिए गए हैं। अब रेशनेलाइजेशन जिला स्तर
पर उपायुक्त की देखरेख में किया जाएगा,
जिसकी शुरूआत जिला फतेहाबाद से की जा
रही है। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों
के आधार कार्ड बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है।
बच्चों के दाखिले ऑनलाइन किए जा रहे हैं और उन्हें आधार
कार्ड से लिंक भी किया जा रहा है ताकि
सभी बच्चों का डाटाबेस तैयार हो सके। रेगुलर
भर्ती के बाद हटाये जायेंगे गेस्ट टीचर
फतेहाबाद (निस): टीसी गुप्ता ने आज
यहां लघु सचिवालय में गेस्ट टीचरों बारे हाईकोर्ट
की सख्त टिप्पणियों के सवाल पर कहा कि गेस्ट
टीचरों को हटना ही पड़ेगा। वह मेहमान
बनकर आए थे और उन्हें मेहमान की तरह
ही जाना होगा। उन्होंने कहा कि हमने
सुप्रीम कोर्ट को हल्फनामा दे रखा है कि जैसे
ही अध्यापकों की रेगुलर
भर्ती हो जाएगी, गेस्ट टीचरों
को हटा दिया जाएगा।