Saturday, 11 April 2015

कंप्यूटर टीचर की जंग जारी हे

हरियाणा के
सरकारी स्कूलों के कंप्यूटर शिक्षक बीते
82 दिन से सड़क पर हैं। प्रदेश की पूर्व सरकार ने
तीन निजी कंपनियों के माध्यम से उन्हें
नौकरी दी थी, लेकिन 20
महीने चली नौकरी में
भी कंप्यूटर शिक्षकों को केवल 6 महीने
ही वेतन मिला। वह भी दो बार हड़ताल
करने केबाद। प्रदेश में नई सरकार आई तो नए बने मंत्रियों ने चुनाव
से पहले कंप्यूटर शिक्षकों से किए वादे भुला दिए। भाजपा सरकार ने
निजी कंपनियों की धांधलियों के मद्देनजर
उनका कांट्रैक्ट खत्म कर दिया। कुल 2852 कंप्यूटर शिक्षक
पंचकूला में हरियाणा शिक्षा सदन के बाहर 82 दिन से धरना दे
रहे हैं। शिक्षकों की मांग है कि कंपनियों का कांट्रैक्ट
खत्म कर दिए जाने केबाद शिक्षकों को शिक्षा विभाग के
अधीन लिया जाए। प्रदेश सरकार भी
लगातार आश्वासन देती
रही है, लेकिन कोरे आश्वासनों से तंग आकर जब-
जब भी कंप्यूटर शिक्षकों ने सड़क पर प्रदर्शन किया,
उन्हें पुलिस के जबरदस्त लाठीचार्ज झेलना पड़ा।
बीते 82 दिन में कंप्यूटर सात बार
लाठीचार्ज का शिकार हो चुके हैं। इनमें कई पुरुष और
महिला शिक्षकों को गंभीर चोटें आई हैं और कई
शिक्षकों को पीजीआई चंडीगढ़
में दाखिल कराना पड़ा है। बुधवार को कंप्यूटर टीचरों पर
सातवीं बार लाठीचार्ज हुआ और अगले
दिन मुख्यमंत्री के ओएसडी ने उन्हें
बातचीत के लिए भी बुला लिया। लेकिन,
शुक्रवार को हुई बातचीत का नतीजा-
वही पुराना आश्वासन। हरियाणा के
सरकारी स्कूलों में अब छठी से
बारहवीं तक कंप्यूटर शिक्षा बंद हो
चुकी है। पिछली सरकार में
निजी कंपनियों के जरिए कांट्रैक्ट पर रखे 2852
कंप्यूटर शिक्षक नई सरकार आते ही बेरोजगार हो
गए। भाजपा सरकार ने निजी कंपनियों का कांट्रैक्ट
भी रद्द कर दिया।

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