Friday, 31 July 2015
कोर्ट के फैसले का सम्मान करना सीखेँ अतिथि शिक्षक
साथ ही सरकार से भी जवाब तलब किया है कि रेगुलर भर्ती कब तक की जाएगी और बाकि गेस्ट टीचर्स को कब हटाया जाएगा. सरकारी वकील ने बताया की इसी महीने जेबीटी गेस्ट टीचर्स को रिलीव कर दिया जाएगा व पदोन्नति प्रक्रिया पूरी होतेे ही pgt को सेवामुक्त कर दिया जाएगा।
हाईकोर्ट ने सख्त रूख अपनाते हुए कहा कि आपको जाना ही होगा और अब ये अध्याय हमेशा के लिए समाप्त समझो। बेंच का कड़ा रुख व विपरीत हालात देख कर गैस्ट टीचर्स के वकीलों ने आखिर में बेंच से ये निवेदन किया कि वो ये याचिका वापिस लेना चाहते है और सिंगल बेंच में दौबारा अपना पक्ष रखना चाहते जिस पर डबल बेंच ने इसकी अनुमति देते हुए कहा कि ठीक है जो कहना है वो सिंगल बेंच में कहो। डबल बेंच को कोई कारण नजर नहीं आता कि वो सिंगल बेंच के इस आदेश में बेवजह हस्तक्षेप करे
परिवार कल्याण कार्यक्रम कर्मियो को दी सौगात
52 कर्मचारियों को लाभ होगा। ये कर्मचारी पिछले करीब एक दशक से भी अधिक समय से अपनी नौकरी के स्थायी होने की बांट जोह रहे थे। इन कर्मचारियों ने गत कांग्रेस सरकार को भी पक्का करने की अपील की थी, लेकिन उसे स्वीकार नही किया गया था।
विज ने बताया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत कार्यरत इन कर्मचारियों के नियमितीकरण में सभी प्रकार की वरिष्ठता को प्रमुख आधार बनाया गया है। जिससे किसी कर्मचारी के साथ भेदभाव न हो सके। केंद्र सरकार द्वारा 1980 में जारी किए गए एक पत्र के आधार पर उक्त कार्यक्रम के तहत काम करने वाले कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद इस मामले को वित्त विभाग को अनुमोदनार्थ भेजा जाएगा। विज ने बताया कि बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कर्मचारी संघ व अन्य संगठनों द्वारा परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत काम करने वाले एमपीएचडब्ल्यू (महिला) व अन्य कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने की बार-बार गुहार लगाई जा रही थी, जिनके अनुरोध पर सरकार ने उक्त सभी कर्मचारियों को पक्का करने का यह फैसला लिया है। इसी कार्यक्रम के तहत भरे गए अन्य 622 पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को बहुत पहले नियमित कर दिया गया था परंतु शेष कर्मचारियों की सेवाएं 10 वर्षों से अधिक समय से लंबित
पड़ी थीं। अच्छे काम के लिए प्रोत्साहन मिलेगा स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन कर्मचारियों की परेशानियों को
समझते हुए सरकार ने इनकी सेवाएं नियमित की है ताकि उन्हें अच्छा काम करने के लिए प्रोत्साहन मिल सके।
इनका नियमितीकरण बिना किसी भेदभाव के किया गया है, क्योंकि प्रदेश की जनता को भ्रष्टाचार मुक्त और भेदभाव रहित
Thursday, 30 July 2015
एचटेट मेँ नकल रोकने को सख्त हुआ बोर्ड

Wednesday, 29 July 2015
Delhi High Court Recruitment 2015 – Apply Online for 60 Jr Judicial Asst Posts
Total No. of Posts: 60
Name of the Post: Junior Judicial Assistant (Technical)
1. Gen: 32 Posts
2. SC: 08 Posts
3. ST: 04 Posts
4. OBC: 16 Posts
Guest news अतिथि अध्यापको ने डबल बेंच मेँ की याचिका दाखिल
JBT NEWS वेरिफिकेशन पर हलफनामा दे सरकार,, चयनित जेबीटी मामले मेँ सरकार ने मांगा जवाब
इसके बाद हाईकोर्ट ने नियुक्ति से ठीक पूर्व प्रक्रिया पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए थे। इन आदेशों के चलते 9455 नियुक्तियां अभी लंबित पड़ी हैं। इन नियुक्तियों का रास्ता साफ करने के लिए हरियाणा सरकार की ओर से अर्जी दाखिल की गई थी। यह अर्जी सुनवाई के लिए जस्टिस दया चौधरी की बेंच के समक्ष पहुंची थी। हरियाणा सरकार की ओर से इस अर्जी में कहा गया कि हरियाणा सरकार अतिथि शिक्षकों को हटा रही है और ऐसे में स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। ऐसे में हाईकोर्ट द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति पर लगाई गई रोक को हटाया
Tuesday, 28 July 2015
शिक्षा विभाग दे देता नहीँ मिला ग्राहक-- रामबिलास शर्मा
2500 एक्सटेंशन लेक्चरर की छुट्टी
सरकारी कॉलेजों में पिछले 5 वर्ष से पढ़ा रहे एक्सटेंशन लेक्चरर्स की सेवाएं उच्चतर शिक्षा विभाग ने नयी पॉलिसी बनाकर समाप्त की हैं। नयी पॉलिसी के तहत काॅलेजों में रिटायर्ड प्रिंसिपल, एसोसिएट या असिस्टेंट प्रोफेसरों को ही एक्सटेंशन लेक्चरर्स के तौर पर नियुक्त किया जाएगा। विभाग के इस निर्णय से काॅलेजों में पढ़ा रहे हजारों पीएचडी व नैट पास युवाओं का रोजगार छिन गया है। बेरोजगार हुए एक्सटेंशन लेक्चरर्स ने अब विभाग पर अदालत के फैसले के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए अवमानना का केस दर्ज कराने की बात कही है। विभिन्न छात्र यूनियनों ने भी सरकार के फैसले को युवा विरोधी करार देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व हुड्डा सरकार में वर्ष 2010 के बाद अतिथि अध्यापकों व प्राध्यापकों की नियुक्ति पर प्रतिबंध लगाने के बाद उच्चतर शिक्षा विभाग ने काॅलेजों में खाली पदों को भरने के लिए प्रति वर्ष एक्सटेंशन लेक्चरर्स लगाने का निर्णय लिया था। इसके लिए नियुक्त लेक्चरर्स को प्रति पीरियड 250 रुपये रोजाना या अधिकतम 18000 रुपये प्रति माह के हिसाब से मानदेय दिया जाता था। कॉलेज प्रशासन को खाली पदों को भरने के लिए बाकायदा विज्ञापन जारी करना पड़ता था तथा मेरिट के आधार पर पीएचडी या नैट धारक को अनुबंध पर रखा जाता था। प्रति वर्ष अनुबंध के लिए इंटरव्यू लेकर मेरिट लिस्ट बनाई जाती थी।
नयी नियुक्ति के लिए घोषित हो चुकी थी इंटरव्यू की तारीख
शिक्षा सत्र 2015-16 के लिए सरकार काॅलेजों ने एक्सटेंशन लेक्चरर्स के लिए विज्ञापन जारी कर दिया था। इंटरव्यू के लिए तारीखों का ऐलान भी हो चुका था लेकिन 21 जुलाई को विभाग ने सभी काॅलेजों को पत्र जारी कर इंटरव्यू रद्द कर एक्सटेंशन की प्रक्रिया रोकने के निर्देश दिए। एक्सटेंशन की नयी पॉलिसी बनाते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी काॅलेज प्राचार्यों को पत्र जारी कर एक्सटेंशन की शर्तों में बदलाव कर दिया। नयी शर्तों के अनुसार अब केवल रिटायर्ड प्रिंसिपल, एसोसिएट या असिस्टेंट प्रोफेसर्स को ही एक्सटेंशन लेक्चरर्स के तौर पर नियुक्त किया जा सकेगा।
एक्सटेंशन लेक्चरर्स ने कहा- अवमानना का केस करेंगे
एक्सटेंशन लेक्चरर्स एसोसिएशन की प्रदेश प्रधान संतोष मिगलानी ने कहा कि विभाग ने उनके साथ धोखा किया है। उन्होंने न्यायालय में केस दायर किया हुआ है तथा अदालत ने उनके मामले में स्टे दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी उल्लंघन किया है, जिसमें कहा गया है कि एक्सटेंशन पर लगे योग्य कर्मियों को हटाकर दोबारा एक्सटेंशन कर्मचारी नहीं लगाया जा सकता। हम सरकार के खिलाफ अवमानना का मामला दायर करेंगे।
जाट आरक्षण पर रोक
हाई कोर्ट ने सोमवार को दिए आदेश में इस मामले में राज्य सरकार की सभी दलीलों को नकार दिया। सरकार ने कहा था कि केंद्र सरकार द्वारा दिए गए आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है, ऐसे में राज्यों में दिए गए आरक्षण से इसका कोई लेना-देना नहीं है।
हाई कोर्ट ने कहा कि इस आयोग की सिफारिशें सुप्रीम कोर्ट द्वारा नकारे जाने के बाद इस मामले में हरियाणा सरकार को आरक्षण जारी रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इस फैसले के साथ ही उन उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगा है, जो राज्य में होने जा रही नई भर्तियों में आरक्षण का लाभ लेने की तैयारी कर रहे थे।
Saturday, 25 July 2015
जेबीटी शिक्षकों की बीएलओ ड्यूटी का पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने लिया कड़ा संज्ञान, शुक्रवार तक सरकार से माँगा जवाब।
केयू और एमडीयू को झटका नहीं मिली डिस्टेंस की मान्यता
प्रदेश में रोहतक की एमडीयू, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी और हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में ही डिस्टेंस के कोर्स कराए जाते हैं। 2012-13 में एमडीयू को तीन वर्ष के लिए मान्यता मिली थी। उसी समय यूजीसी ने निर्देश जारी कर दिए थे कि सत्र 2015-16 के लिए उसी यूनिवर्सिटी को मान्यता दी जाएगी, जो सभी नियमों को पूरा करेगी। इसमें पहली शर्त नियमित शिक्षकों की रखी गई थी, लेकिन एमडीयू तभी से डिपार्टमेंट के शिक्षकों के भरोसे ही डिस्टेंस के कोर्स चला रही थी। मौजूदा सत्र की मान्यता के लिए यूजीसी ने दो दिन पहले लिस्ट जारी कर दी। इसमें एमडीयू और केयूके को डिस्टेंस के लिए मान्यता नहीं दी गई।
सवाल : कहां जाएंगे 75 हजार विद्यार्थी
एमडीयू में इन कोर्सों की थी मान्यता
प्रदेश में सिर्फ हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी को मिली मान्यता, दोनों यूनिवर्सिटी के अधिकारी बोले, अभी और करेेंगे कोशिश
दोनों यूनिवर्सिटी के करीब 80 हजार विद्यार्थियों को हो सकती है मुश्किल, यूजीसी ने जारी की मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी की लिस्ट
पिछले सत्र में एमडीयू के डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर को अंग्रेजी, हिंदी, राजनीति विज्ञान, संस्कृत, लोक प्रशासन, इतिहास, प्रबंधन, लाइब्रेरी साइंस, गणित, कामर्स, ज्योग्राफी और कंप्यूटर साइंस को मान्यता दी गई थी।
एमडीयू से संबद्घ 12 जिलों में 539 कॉलेज हैं। आंकड़ों के मुताबिक, एमडीयू में हर साल करीब पचास हजार विद्यार्थी डिस्टेंस से पढ़ाई करते हैं। जबकि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में भी करीब 25 हजार से भी अधिक छात्र हर साल डिस्टेंस एजुकेशन में एडमिशन लेते हैं। दोनों ही यूनिवर्सिटी को इस सत्र के लिए मान्यता नहीं दी गई।
अस्थाई मांयता प्राप्त विद्यालयोँ के लिए एनरोलमेंट आवेदन की तिथि बढ़ाई
नियमित होगे तब ही छोड़ेंगे दिल्ली- गेस्ट टीचर
6 जिलो मे एचटेट परीक्षा के सेंटर न बनाए जाने की निंदा
शुक्रवार को जारी एक बयान में पूर्व आबकारी एवं कराधान मंत्री ने कहा कि यह फैसला हरियाणा सरकार द्वारा चलाए गए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के खिलाफ भी है, क्योंकि इन छह जिले की लड़कियों को अब एचटेट की परीक्षा देने के लिए 100 किमी से भी अधिक दूरी तक यात्रा करनी पड़ेगी, जो अन्याय होगा।
एचटेट परीक्षाथी का होगा दो बार थंब इंप्रेशन
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सूत्र बताते हैं कि परीक्षा केंद्र में एंट्री के बाद ऑनलाइन बायो मीट्रिक थम्ब इंप्रेशन लिया जाएगा। इसके बाद परीक्षा केंद्र के भीतर हर परीक्षार्थी का अंगूठे का निशान खास तकनीक इंकलेस से लिया जाएगा। परीक्षार्थी के फोटो की पहचान पुख्ता करने के लिए बोर्ड हर बार की तरह एडमिट कार्ड पर परीक्षार्थी का फोटो तो देगा ही, साथ ही इस मर्तबा हर अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वह गजेटेड आफिसर अथवा शिक्षण संस्था के प्रमुख से अटेस्टेड अपना फोटो साथ लेकर आएगा।
शिक्षा बोर्ड सेक्रेटरी पंकज ने दो बार थम्ब इंप्रेशन व अटेस्टेड फोटो के संबंध में लिये फैसलों की पुष्टि की है।
Friday, 24 July 2015
NEWLY SELECTED JBT NEWS--
Thursday, 23 July 2015
HTET NEWS-- 15 जिलों में बनाए जाएंगे पात्रता परीक्षा के सेंटर, एचटेट में हिन्दी विषय शामिल करने को ज्ञापन भेजा
इस बार हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए छह जिलों को छोड़कर शेष सभी में केंद्र
बनाए जाएंगे। शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने इस बार सिरसा में भी एचटेट करवाने का फैसला किया है। अब से पूर्व दो बार इस जिले में भी परीक्षा नहीं करवाई गई थी। इसके पीछे बोर्ड प्रशासन की सोच यह थी कि एचटेट में बाहरी हस्तक्षेप रोका जा सके। क्योंकि राजनीतिक रूप से प्रभावित जिलों में बाहरी हस्तक्षेप को रोकना मुश्किल हो जाता है। सूत्र बताते हैं कि इस बार बोर्ड
प्रशासन ने एचटेट के लिए सिरसा जिले को भी शामिल कर लिया है। परीक्षा केंद्रों को बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी, ताकि 30 व 31 अगस्त को पात्रता परीक्षा सुचारु रूप से संचालित की जा सके।इन जिलों में नहीं होगी परीक्षा
1. भिवानी 2. महेन्द्रगढ़ 3. झज्जर 4, रोहतक 5. पलवल 6. मेवात
क्यों लिया था आधे हरियाणा में पात्रता परीक्षा करवाने का फैसला हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने एचटेट में
धांधलियों को रोकने के लिए तीन साल पूर्व उन जिलों में यह परीक्षा नहीं करवाने का फैसला किया, जिनमें राजनीतिक
हस्तक्षेप ज्यादा है। तत्कालीन मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, तत्कालीन शिक्षा मंत्री के जिलों में यह परीक्षा संचालित नहीं
करवाई गई। हालांकि इसका काफी विरोध भी हुआ पर बोर्ड प्रशासन अपने फैसले पर अडिग रहा। सिरसा जिला भी पूर्व
मुख्यमंत्री का घरेलू जिला होने की वजह से इसे परीक्षा केंद्र बनाए बनाने का फैसला किया गया था। इएम के जिले में नहीं पर सीएम के जिले में होगा एचटेट इस बार शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने शिक्षा मंत्री के जिले महेन्द्रगढ़ में एचटेट के सेंटर नहीं बनाने का फैसला किया है। हालांकि पहले भी इस जिले में यह परीक्षा नहीं होती थी। हालांकि करनाल में पहले से ही यह परीक्षा होती आ रही है और इस बार भी बोर्ड प्रशासन ने सेंटर बनाने जा रहा है। क्योंकि इस बार केवल सिरसा ही एक नया ऐसा जिला है, जिसमें एचटेट के सेंटर बनाने का फैसला किया गया है। शिक्षा बोर्ड के सचिव पंकज कुमार ने कहा कि इस बार कोई बड़ा
फेरबदल नहीं किया गया है। केवल सिरसा ही एक नया जिला है,जहां परीक्षा केंद्र बनाए जा रहे हैं।
एचटेट में हिन्दी विषय शामिल करने को ज्ञापन भेजा
जागरण संवाददाता भिवानी : प्रदेश भर के संस्कृत महाविद्यालयों ने वित्त मंत्री को ज्ञापन भेज कर हरियाणा शिक्षक पात्रता
परीक्षा में ¨ हिन्दी विषय शामिल करने की मांग की है। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि एचटेट को संस्कृत महाविद्यालयों के लिए भी अनिवार्य की गई है। इस परीक्षा के पाठ्यक्रम में अंग्रेजी, संस्कृत बाल शिक्षण एवं मनोविज्ञान के 30-30 अंक और सामाजिक अध्ययन के लिए 60 अंक निर्धारित किए गए हैं। जबकि सीटेट जो सीबीएसई द्वारा संचालित की जाती है उसमें अंग्रेजी विषय की जगह 30 अंक ¨हदी विषय के लिए निर्धारित किए हैं। ज्ञापन में उन्होंने मांग की है कि एचटेट में भी अंग्रेजी की जगह ¨हिन्दी विषय को अनिवार्य किया जाए। ताकि संस्कृत के विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। उन्होंने वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु से आग्रह किया कि उनकी इस मांग को पूरा करवाएं ताकि संस्कृत के विद्यार्थियों का भी भला हो सके। ज्ञापन सौंपने वालों में ये रहे शामिल ईर्श्वरीय प्रसाद, जयपाल, संतोष यादव, सुनीता देवी, संगीता देवी, सुनीता देवी, नीलम, मेनका, उषा, सविता, सुशीला, सरोज, पुषा, रजनी, सोमवीर ¨सह, पवन कुमार, ललित कुमार, पंकज कुमार, प्रवीण कुमार, सुरेंद्र कोशिक, नरेंद्र कुमार, हनुमान प्रसाद, अजय आदि शामिल रहे
Wednesday, 22 July 2015
जेबीटी शिक्षकों की भर्ती पर हाई कोर्ट की रोक
अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याची के वकील गौतम दिवान ने एकल पीठ को बताया कि प्रदेश
सरकार ने लगभग नौ हजार जेबीटी टीचर की भर्ती के लिए वर्ष 2012 में विज्ञापन जारी किया था। आवेदन करते समय अध्यापक पात्रता परीक्षा पास होना जरूरी था।वर्ष 2013 में अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों ने हाई कोर्ट में केस दायर कर इस भर्ती में भाग लेने की अनुमति मांगी जिस पर अदालत ने उन्हें अस्थायी तौर पर भर्ती में भाग लेने का मौका दिया। बाद में कोर्ट ने इनकी याचिका खारिज कर दी, लेकिन सरकार ने कहा कि रिक्त पदों पर 2013 में अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने वालों का मौका दिया जाएगा।
इसी आधार पर पिछले सप्ताह सरकार ने 2013 में अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को इस भर्ती में नियुक्ति देने के लिए 1800 से अधिक उम्मीदवारों का परिणाम घोषित कर दिया। जबकि सरकार ने एक साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे टीचरों को नियुक्त नहीं किया। ऐसे में बाद में योग्यता पूरी करने वालों को कैसे नियुक्ति दी जा सकती है।
इस पर एकल पीठ ने प्रदेश सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा कि जब उन्होंने पहले चयनित यानि 2012 में पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति ही नहीं दी थी तो उन्हें कैसे पता चला कि इतने पद रिक्त रहेंगे और साल 2013 में अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने वाले इतने उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जा सकती है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर 2012 में पात्र टीचर को नियुक्ति देने के बाद कोई पद नहीं बचे तो इन टीचरों को कहा एडजस्ट किया जाएगा। एकल पीठ ने दोबारा सूची बनाने व पहले चयनित टीचरों को नियुक्ति देने तक इस परिणाम पर रोक लगाते हुए सरकार से जवाब तलब किया है। नवचयनित जेबीटी को करना पड़ेगा इंतजार हाई कोर्ट ने जेबीटी टीचरों के नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगाने संबंधी आदेश के खिलाफ दाखिल अर्जी पर सरकार को तुरंत राहत देने से इन्कार कर दिया है। मामले की सुनवाई 23 जुलाई तक स्थगित कर दी गई।
Saturday, 18 July 2015
आंदोलनकारी गैस्ट टीचर्स व समर्थक यूनियन नेताओं को क्रिमिनल कंटेम्प्ट का नोटिस जारी।
HSSC 7200 Constable Vacancy--
गेस्ट महा आक्रोश रैली आज
गेस्ट टीचरों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की याचिका दायर-
आपराधिक अवमानना का आरोप लगाते हुए उचित कार्रवाई की मांग की गई है। हरियाणा के एडवोकेट जनरल ने गेस्ट टीचर्स समेत हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव सुभाष लांबा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले की आगामी सुनवाई 19 अगस्त तय की गई है। एडवोकेट जनरल इस याचिका को सुनवाई के लिए उचित पाएंगे तो मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के पास आपराधिक अवमानना की याचिका चलाने के लिए भेजा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार गेस्ट टीचर्स को न हटाने के कारण हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले व्यक्तियों ने अपने वकील जगबीर मलिक के माध्यम से कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने गेस्ट टीचरों को हटाने का आदेश दे दिया था। इसके बाद भी हरियाणा में गेस्ट टीचर नौकरी करते रहे। इसी बीच सरप्लस गेस्ट टीचरों को निकालने का आदेश दिया गया। हाईकोर्ट की बेंच ने अन्य गेस्ट
टीचरों को नियमित भर्ती तक बनाए रखने की छूट दी थी। याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेश पर सरप्लस गेस्ट
टीचर हटा दिए गए, लेकिन अब वे सरकार पर बेवजह दबाव बना रहे हैं। इसे लेकर आंदोलन के तहत वे भूख हड़ताल कर रहे हैं। साथ ही उनकी ओर से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है।.
इसलिए एजी ने की सुनवाई:
अदालत की आपराधिक अवमानना का केस तीन परिस्थितियों में चल सकता है। यदि जिला अदालत से सेशन जज हाईकोर्ट को आपराधिक अवमानना चलाने को लिखे या फिर हाईकोर्ट स्व: संज्ञान लेकर आपराधिक अवमानना का केस चलाए। इसकेअलावा तीसरा रास्ता यही है कि एडवोकेट जनरल आपराधिक अवमानना का केस चलाने के लिए मामला चीफ जस्टिस को रेफर करे। इसके लिए एडवोकेट जनरल के पास ही याचिका दायर करनी पड़ती है।उनकी संतुष्टि पर ही आपराधिक अवमानना का केस चलाने को मामला चीफ जस्टिस को रेफर किया जाता है। •हरियाणा के एजी ने गेस्ट टीचर्स को नोटिस जारी कर मांगा जवाबThursday, 16 July 2015
स्कूली शिक्षा निदेशालय ने मांगी अतिथि अध्यापकों के प्रतिदिन की रिपोर्ट
को गंभीरता से लिया और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारीको निर्देश जारी कर ऐसे अतिथि अध्यापकों की रिपोर्ट मांगी
है, जो गैर हाजिर चल रहे हैं। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसेसभी अतिथि अध्यापकों की रिपोर्ट दोपहर चार बजे प्रतिदिन
निदेशालय को भेजी जाए।प्रदेश भर के अतिथि अध्यापक नियमित किए जाने तथा सरप्लसबताकर हटाए गए अतिथि अध्यापकों को भी नौकरी में वापस लेनेकी मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। वे अनशन भी कर रहे हैं। 1 जुलाई सेगर्मी की छुट्टी के बाद स्कूल खुल चुके हैं, ऐसे में स्कूल लगने के बावजूदअतिथि अध्यापक स्कूल में नहीं जा रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई बुरी
तरह से प्रभावित हो रही है। कई स्कूलों में तो बाकायदा बच्चे हीशिक्षक बनकर अन्य बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं। ऐसे में अब स्कूल शिक्षा निदेशालय ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर प्रतिदिन दोपहर चार बजे गैर हाजिर रहने वाले अतिथि अध्यापकों की रिपोर्ट भेजने को कहा है। पत्र के साथ बाकायदा एक प्रोफार्मा भी भेजा गया है। इसमें अतिथि अध्यापक के पद का नाम, अतिथि अध्यापक का नाम, स्कूल का नाम, स्कूल कोड, लीव या गैर हाजिर के दौरान कहां होंगे तथा लीव रहने का कारण भी बताना होगा। कों की भी दें जानकारी मौलिक शिक्षा निदेशालय की तरफ से भी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी कर अन्य शिक्षकों की रिपोर्ट भी मांगी है, जो व्यक्तिगत या घरेलू कारण बताकर अतिथि अध्यापकों की हड़ताल में शामिल होने के लिए स्कूल से अनुपस्थित चल रहे हैं। इस कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधितहो रही है। ऐसे में स्कूल में अनुशासनहीनता पैदा हो रही है। इसीअनुशासनहीनता के कारण बच्चों के अभिभावक बच्चों को स्कूल मेंजने से कतराते हैं। ऐसे सभी शिक्षकों की सूची बनाकर ई-मेल पर भेजी
जाए।
अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को बडा झटका
प्रदेश के सभी मौलिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे पत्र में 3200 अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों में से एक भी स्कूल का नाम शामिल नहीं है। विभाग के इस निर्णय से निजी स्कूल संघ आग बबूला है। वीरवार को प्रदेश भर के प्राइवेट स्कूल संचालकों ने शिक्षा सदन के घेराव का निर्णय लिया है। चूंकि 32 सौ अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों में दस लाख से अधिक बच्चों ने दाखिला ले रखा है। इन्हें स्थायी मान्यता के लिए एक वर्ष की छूट न मिलने पर बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा।
केवल इन स्कूलों को मिली छूट
. अंबाला-17
. भिवानी-32
. फरीदाबाद- 56
. फतेहाबाद-6
. गुड़गाव-100
. हिसार-9
. झज्जार-74
. जींद- 64
. करनाल-151
. कैथल- 109
. कुरुक्षेत्र-35
. महेद्रगढ-8
. मेवात-2
. पंचकूला-6
. पलवल-135
. पानीपत-163
. रेवाड़ी-36
. रोहतक-130
. सिरसा-17
. सोनीपत-21
. यमुनानगर-33
सरकार ने नहीं माना तो बड़ा आंदोलन
निजी स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्राइवेट स्कूलों के प्रतिनिधिमंडल को अस्थायी स्कूलों को एक साल छूट देने का आश्वासन दिया था। लेकिन विभाग ने मात्र 1206 ऐसे स्कूलों को छूट दी है, जिनकी फाइल विभाग के पास लंबित है। सरकार ने अगर उनकी मांग नहीं मानी तो वे बच्चों सहित सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
अगले सत्र से नहीं चलेंगे अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूल
हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि पहली अप्रैल 2016 से शुरू होने वाले आगामी शैक्षणिक सत्र में अमान्यता प्राप्त स्कूल को चलाने की अनुमति नहीं होगी। नियमों के विरुद्ध कार्य करने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस सत्र में सिर्फ 1206 अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को एक वर्ष का समय दिया गया है। इन्होंने स्थायी मान्यता के लिए आवेदन किया हुआ है






























