महेन्द्रगढ़ के चौ. देवी लाल पार्क में महापड़ाव डाल कर धरने पर बैठे अतिथि अध्यापकों ने सरकार को झुकाने के लिये आंदोलन स्थल पर ही 18 जुलाई को महाआक्रोश रैली करने का निर्णय लिया है।
अतिथि अध्यापक संघ प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र शास्त्री व उपाध्यक्ष कुलदीप झरोली ने संयुक्त रूप से पत्रकारों को बताया कि वे अपनी बहाली के लिये 18 जुलाई को महाआक्रोश रैली करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित रैली में प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के नेता व खाप पंचायतों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके अलावा गेस्ट टीचर्स अपने परिवार सहित प्रस्तावित रैली में शामिल होंगे।
अध्यापक नेताओं ने बताया कि उनकी प्रदेश सरकार के अधिकारियों के साथ हुई बातचीत का कोई परिणाम सामने नहीं निकला। इसी वजह से संघ के नेताओं ने महाआक्रोश रैली करने का फैसला लिया है। इस रैली में वे कर्मचारी संगठनों के नेताओं व खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों से सलाह मशविरा करने के उपरान्त आंदोलन की आगामी रूपरेखा भी बनायेंगे। अध्यापक नेताओं ने बताया कि अनशन पर बैठे 11 अध्यापकों में से आज 2 अध्यापकों की तबीयत खराब होने पर उन्हें महेन्द्रगढ़ के सिविल अस्पताल में ले जाया गया जहां उनका उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 5 अनशनकारियों ने मेडिकल सहायता लेने से साफ इनकार कर दिया है। अनशन का आज 23वां दिन था।
अतिथि अध्यापक संघ प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र शास्त्री व उपाध्यक्ष कुलदीप झरोली ने संयुक्त रूप से पत्रकारों को बताया कि वे अपनी बहाली के लिये 18 जुलाई को महाआक्रोश रैली करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित रैली में प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के नेता व खाप पंचायतों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके अलावा गेस्ट टीचर्स अपने परिवार सहित प्रस्तावित रैली में शामिल होंगे।
अध्यापक नेताओं ने बताया कि उनकी प्रदेश सरकार के अधिकारियों के साथ हुई बातचीत का कोई परिणाम सामने नहीं निकला। इसी वजह से संघ के नेताओं ने महाआक्रोश रैली करने का फैसला लिया है। इस रैली में वे कर्मचारी संगठनों के नेताओं व खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों से सलाह मशविरा करने के उपरान्त आंदोलन की आगामी रूपरेखा भी बनायेंगे। अध्यापक नेताओं ने बताया कि अनशन पर बैठे 11 अध्यापकों में से आज 2 अध्यापकों की तबीयत खराब होने पर उन्हें महेन्द्रगढ़ के सिविल अस्पताल में ले जाया गया जहां उनका उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 5 अनशनकारियों ने मेडिकल सहायता लेने से साफ इनकार कर दिया है। अनशन का आज 23वां दिन था।
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