चंडीगढ़ : हरियाणा में नियुक्ति पाने के लिए पिछले 13 दिनों से आंदोलन कर रहे नव चयनित जेबीटी के प्रयास आखिरकार रंग ले आए। प्रदेश सरकार इस माह के अंत तक नव चयनित जेबीटी को ज्वाइनिंग देने पर राजी हो गई है। राज्य सरकार हाईकोर्ट में नव चयनित जेबीटी शिक्षकों के पक्ष में भी हलफिया बयान देगी। सरकार के इस रुख से 9455 नव चयनित जेबीटी की 31 जुलाई तक नियुक्तियां हो जाने का रास्ता साफ हो गया है। 1 हरियाणा पात्र अध्यापक संघ के बैनर तले सैकड़ों जेबीटी पिछले 13 दिनों से पंचकूला स्थित शिक्षा निदेशालय पर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने मुंडन भी कराया और आंदोलन के अन्य रास्ते भी अपनाए। पिछली सरकार में करीब 9500 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती हुई थी। इनमें से 500 जेबीटी दूसरी जगह पर कहीं फिट हो गए हैं। बाकी बचे 9455 जेबीटी को नियुक्तियां पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। दरअसल, एमए में एकेडमिक के दो नंबरों को शिक्षा विभाग द्वारा इंटरव्यू में जोड़ दिया गया था, जिस कारण हाईकोर्ट ने ज्वाइनिंग पर स्टे लगा रखा था। इस मामले में जवाब देने की तारीख 28 जुलाई है। मुख्यमंत्री के ओएसडी जवाहर याद और मीडिया सलाहकार अमित आर्य ने हस्तक्षेप कर आंदोलनकारी जेबीटी को आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल से उनके आवास पर मिलवाया। हरियाणा पात्र अध्यापक संघ के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, प्रेम अहलावत, जसवीर गुर्जर, रोहताश रेडू, प्रोमिला, ज्योति और पवन चमारखेड़ा शिक्षकों की ओर से बातचीत में शामिल हुए। करीब डेढ़ घंटे की बातचीत के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल 31 जुलाई तक नव चयनित जेबीटी शिक्षकों को ज्वाइनिंग दिलाने व 28 जुलाई से पहले हाईकोर्ट में अंतरिम अर्जी दायर कर मामले को निपटाने का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई कानूनी बाधा नहीं हुई तो 31 जुलाई तक सभी को नियुक्ति पद दे दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री के ओएसडी जवाहर यादव पंचकूला स्थित धरना स्थल पर रात को ही गए और वहां जाकर मुख्यमंत्री की घोषणा का एलान किया, जिसके बाद आंदोलन खत्म करने का फैसला हुआ।


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