पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 6 जुलाई को दिए गए कड़े आदेशों के बावजूद भी आदेशों की लगातार अवहेलना कर सरकारी स्कूलों की तालाबन्दी व धरना-प्रदर्शन कर आम-जनता की परेशानी का सबब बन रहे गैस्ट टीचर्स व उनको समर्थन दे रहे यूनियन नेताओँ के खिलाफ दाखिल आपराधिक अवमानना याचिका पर प्रतिवादिओं को नोटिस जारी कर दिया गया है। मामले में आज याचिकाकर्ता की और से अधिवक्ता जगबीर मलिक ने बहस करते हुए हाईकोर्ट द्वारा गैस्ट टीचर्स को हटाने के सम्बन्ध में पारित विभिन्न फैसलो का हवाला देते हुए गैस्ट टीचर्स व उनके समर्थकों द्वारा तालाबन्दी व अन्य तरीकों से दबाव बनाए जाने को क्रिमिनल अवमानना करार दिया। उन्होंने इसे हाईकोर्ट के आदेशों का सम्मान न करने व आदेशों की साफ अवमानना बताते हुए पिछले 5 महीने के घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कार्यवाही की मांग की। सुनवाई के बाद याचिका में दिए तथ्यों से सहमत होते हुए सभी प्रतिवादिओं को नोटिस जारी कर 19 अगस्त तक जवाब तलब किया है। गौरतलब है कि संत रामपाल मामले में भी क्रिमिनल कंटेम्प्ट के तहत ही कड़ी कार्यवाही हुई थी।
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