चंडीगढ़ : भाजपा सरकार आंदोलनरत गेस्ट टीचरों को एक बार फिर साधने में नाकाम रही है। मुख्यमंत्री के विशेष प्रधान सचिव आरके खुल्लर के साथ छह घंटे तक चली गेस्ट के नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक में कोई नतीजा नहीं निकल पाया। खुल्लर ने अतिथि अध्यापकों के साथ हर पहलू पर खुलकर बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल ने अपना पक्ष मजबूती के साथ रखा, लेकिन हटाए गए गेस्ट टीचरों को वापस नौकरी पर लेने और नियमितीकरण को लेकर कोई बीच का रास्ता नहीं निकल पाया।1आंदोलनरत गेस्ट टीचरों ने खुल्लर से वार्ता के बाद अब हाई कोर्ट के एकल बेंच के फैसले को डबल बेंच में चुनौती देने का निर्णय लिया है। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेश संयोजक राजेंद्र शास्त्री ने बताया कि सरकार अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है। हटाए गए गेस्ट की नौकरी बहाली को सरकार तैयार नहीं दिख रही। 1उन्होंने बैठक में गेस्ट के सरप्लस न होने के सारे दस्तावेज रखे थे। सरकार ने बिना होमवर्क किए हाई कोर्ट में गलत शपथ पत्र दिया है। पूर्व सरकार में बनी दस वर्षीय नियमितीकरण नीति के तहत गेस्ट को पक्का करने पर भी बैठक में चर्चा की गई। मुख्यमंत्री के विशेष प्रधान सचिव ने गेस्ट टीचरों को सिर्फ इतना कहा कि वे उनका पक्ष मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे। अंतिम फैसला सरकार को लेना है। 1संघ के प्रवक्ता धर्मबीर कौशिक ने कहा कि उनका आंदोलन महेंद्रगढ़ और दिल्ली में जारी रहेगा। गेस्ट टीचरों का दावा मजबूत है। वार्ता के दौरान भी गेस्ट ने सारे दस्तावेज प्रस्तुत कर निर्णय को गलत ठहराया है। बैठक में प्रतिनिधिमंडल के कुलदीप झरोली, शशिभूषण, जरनैल सिंह, कृष्ण कुमार, देवराज, सुखविंद्र व नरेंद्र शामिल रहे। 16सरकार कानूनी अड़चनों को बना रही ढाल पर अध्यापक नहीं तैयार16हाईकोर्ट के सिंगल बेंच के फैसले को डबल पीठ में देंगे चुनौती
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