Wednesday, 22 July 2015

जेबीटी शिक्षकों की भर्ती पर हाई कोर्ट की रोक

 पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मंगलवार को पिछले सप्ताह घोषित जेबीटी टीचर भर्ती के परिणाम पर रोक लगा दी। इसमें वर्ष 2013 में पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को मौका देने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत प्रदेश सरकार ने 1800 से अधिक टीचरों का चयन किया था। जस्टिस अमित रावल ने यह आदेश सोनीपत निवासी मीनाक्षी व
अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याची के वकील गौतम दिवान ने एकल पीठ को बताया कि प्रदेश 

सरकार ने लगभग नौ हजार जेबीटी टीचर की भर्ती के लिए वर्ष 2012 में विज्ञापन जारी किया था। आवेदन करते समय अध्यापक पात्रता परीक्षा पास होना जरूरी था।वर्ष 2013 में अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों ने हाई कोर्ट में केस दायर कर इस भर्ती में भाग लेने की अनुमति मांगी जिस पर अदालत ने उन्हें अस्थायी तौर पर भर्ती में भाग लेने का मौका दिया। बाद में कोर्ट ने इनकी याचिका खारिज कर दी, लेकिन सरकार ने कहा कि रिक्त पदों पर 2013 में अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने वालों का मौका दिया जाएगा।
इसी आधार पर पिछले सप्ताह सरकार ने 2013 में अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को इस भर्ती में नियुक्ति देने के लिए 1800 से अधिक उम्मीदवारों का परिणाम घोषित कर दिया। जबकि सरकार ने एक साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे टीचरों को नियुक्त नहीं किया। ऐसे में बाद में योग्यता पूरी करने वालों को कैसे नियुक्ति दी जा सकती है।
इस पर एकल पीठ ने प्रदेश सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा कि जब उन्होंने पहले चयनित यानि 2012 में पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति ही नहीं दी थी तो उन्हें कैसे पता चला कि इतने पद रिक्त रहेंगे और साल 2013 में अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने वाले इतने उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जा सकती है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर 2012 में पात्र टीचर को नियुक्ति देने के बाद कोई पद नहीं बचे तो इन टीचरों को कहा एडजस्ट किया जाएगा। एकल पीठ ने दोबारा सूची बनाने व पहले चयनित टीचरों को नियुक्ति देने तक इस परिणाम पर रोक लगाते हुए सरकार से जवाब तलब किया है। नवचयनित जेबीटी को करना पड़ेगा इंतजार हाई कोर्ट ने जेबीटी टीचरों के नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगाने संबंधी आदेश के खिलाफ दाखिल अर्जी पर सरकार को तुरंत राहत देने से इन्कार कर दिया है। मामले की सुनवाई 23 जुलाई तक स्थगित कर दी गई।

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